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दावों की सफाई: जम्मू में 5 साल में आबादी 14 फीसदी बढ़ी, पर संसाधन 40 प्रतिशत हुए कम

Sun, 24 Sep 2023 12:37 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू शहर की आबादी साढ़े पांच लाख से बढ़कर लगभग 7 लाख पहुंच चुकी है, यानी 14 फीसदी बढ़ी है और निगम के संसाधन करीब 40 फीसदी घट गए। 400 मीट्रिक टन (एमटी) कचरा ठिकाने लगाने के लिए 220 के बजाय वाहन 99 से 120 हो पाए।
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Jammu Municipal Corporation - फोटो : संजय कुमार
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विस्तार
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पांच साल पहले नगर निगम जम्मू का गठन हुआ, उस दौरान शहरभर में 2200 सफाई कर्मचारी थे। तब से अब तक 500 कर्मचारी ही ठेके पर रखे गए। मगर जरूरत 3500 की है। हर बार हाउस में मसला गरमाता रहा। पार्षद मांग करते रहे, लेकिन जरूरत के हिसाब से सफाई कर्मचारी नहीं मिले।

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जम्मू शहर की आबादी साढ़े पांच लाख से बढ़कर लगभग 7 लाख पहुंच चुकी है, यानी 14 फीसदी बढ़ी है और निगम के संसाधन करीब 40 फीसदी घट गए। 400 मीट्रिक टन (एमटी) कचरा ठिकाने लगाने के लिए 220 के बजाय वाहन 99 से 120 हो पाए। इसी तरह 1.20 लाख घरों से सुबह और शाम कचरा एकत्रित करने के लिए 225 ऑटो की जगह 120 काम कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि वार्ड-72, 73, 74 और 75 में सिर्फ आठ से दस सफाई कर्मचारी हैं जबकि 20 से 25 की आवश्यकता है। पहले की तरह एक ही बार डंपिंग साइट से कचरा उठाया जा रहा है।

गठन से पहले निगम दायरे में एक लाख के करीब घर थे। सर्वे के बाद 1.20 लाख घर हो गए। मगर सुविधाएं नाकाफी हैं। सुबह सफाई होने के बाद शाम को फिर डंपिंग साइट में कचरे के ढेर लग रहे हैं। देर रात तक ये गंदगी से भर रहे हैं। कचरा एकत्रित करने में भी काफी समय लग रहा है, जिसका असर शहर की सुंदरता पर पड़ रहा है। वहीं, वाहन कम होने के कारण कचरा एक ही बार एकत्रित हो पाता है। डोर-टू-डोर कलेक्शन के बाद फिर से कचरा कर्मचारियों को वाहनों में लोड करना पड़ता है। रोजाना शहरभर में 400 एमटी कचरा एकत्रित किया जा रहा है जिसमें 200 एमटी सूखा और बाकी गीला है। कचरे को कोटभलवाल कचरा संयंत्र केंद्र में ठिकाने लगाया जाता है।
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ऑटो सुविधा बढ़ाई जाए

कृष्णा नगर के ईश्वर दास, श्याम लाल और बस स्टैंड से राजन गुप्ता ने कहा कि अभी और प्रयास करने की जरूरत है। ऑटो सुविधा एक ही समय मिलती है। दो बार दिन में घरों से कचरा उठना चाहिए। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। मौजूदा समय में एक सफाई कर्मचारी के पास इलाका ज्यादा है। ऐसे में सफाई सही तरह से नहीं हो पाती।

इन वार्डों में है ज्यादा दिक्कत

पुराने शहर में एक से 15 वार्ड प्रभावित हैं। इसके अलावा 71 से 74 वार्ड में सफाई सही तरीके से नहीं हो रही। यहां पर इलाके ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हैं। नए इलाकों में अभी भी पुरानी तर्ज पर काम चल रहा है। इसके अलावा वार्ड-62, 63 और 45 सहित अन्य वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमराई है।

निगम गठन से पहले सफाई व्यवस्था ठप थी। प्रयास कर कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरा गया। ऑटो चलाए गए। चार साल में नए वाहन भी खरीदे। - चंद्र मोहन गुप्ता, पूर्व मेयर।

सफाई सुधार में सबसे बड़ा कदम डोर-टू-डोर कचरा एकत्रित करना रहा। अब ऑटो घरों में जा रहे हैं और कचरा एकत्रित कर रहे हैं। कचरा संयंत्र केंद्र पर काम चल रहा है। शहर में गलियां और सड़कें कचरामुक्त हैं। - राजेंद्र शर्मा, मेयर।

पांच सौ के करीब कर्मचारी तैनात किए हैं। वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले संसाधन की कमी थी जिसे पूरा किया जा रहा है। बेहतर सफाई हो रही है। - डॉ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।
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वाहनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कचरा एकत्रित हो रहा है। आने वाले समय में वाहनों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। - निसार हुसैन रजा, सीटीओ, नगर निगम।

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