अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ढोल की थाप, उड़ते गुलाल और जयकारों के बीच शहर के विभिन्न स्थानों से वीरवार को गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शोभायात्राएं निकाली गईं। पुराने शहर में महाराष्ट्र की तर्ज पर शोभायात्रा निकाली गई। पुराने शहर के सराजा ढक्की, गोल मार्केट गांधीनगर, गंग्याल और जगती से अखनूर दरिया तक शोभायात्रा निकाली गई। दरिया में धार्मिक रीति-रिवाज के साथ बप्पा की मूर्तियों का विसर्जन कर उन्हें विदाई दी गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रभु से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
19 सितंबर से शुरू हुए गणेश महोत्सव का वीरवार को विसर्जन के साथ समापन हुआ। पुराने शहर से निकाली गई शोभायात्रा में महाराष्ट्र से आई 45 सदस्यीय ढोल टीम ने विसर्जन कार्यक्रम में हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया। शोभायात्रा सराजा ढक्की से शुरू हुई जो पुरानी मंडी, सिटी चौक, कनक मंडी, लखदाता बाजार, चौक चबूतरा और पंजतीर्थी से होते हुए अखनूर पहुंची। जहां दरिया में छह फुट ऊंची प्रतिमा का विसर्जन किया गया। गोल मार्केट गांधीनगर से भी शोभायात्रा निकाली गई, जो लास्ट मोड, एशिया चौक, बिक्रम चौक, ज्यूल चौक से होते हुए अखनूर तक गई, जहां 16 फुट ऊंची प्रतिमा का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में बाइकों पर युवाओं की टोलियाें ने खूब गुलाल उड़ाया। गंग्याल के देव ऑटो स्टैंड से शोभायात्रा निकाली गई, जो डिग्याना, सतवारी, नई बस्ती, लास्ट मोड, एशिया चौक, बिक्रम चौक, डोगरा चौक, ज्यूल चौक से होते हुए अखनूर तक गई।
महाराष्ट्र के आए कलाकारों ने बांधा समां
कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने ढोल की थाप पर समां बांध दिया। 45 सदस्यीय टीम में शामिल मनोज कदम ने बताया कि पहली बार वे जम्मू आए हैं। गणेश महोत्सव पहले महाराष्ट्र तक सीमित था, लेकिन अब पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, उनकी टीम गणेश भजनों पर प्रस्तुतियां देती है।
श्री लक्ष्मीनारायण और बाबा लाल दयाल मंदिर से निकलीं शोभायात्राएं
जम्मू। श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में गणेश महोत्सव का वीरवार को समापन हुआ। भगवान गणेश की प्रतिमा का अखनूर दरिया में विसर्जन किया गया। मंदिर में 19 सितंबर से धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। वीरवार को विशेष आरती हुई। इसमें ट्रस्ट के सदस्य व श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर में शोभायात्रा निकालकर भगवान गणेश की प्रतिमा को अखनूर दरिया में विसर्जित किया। मौके पर केबी मंगोत्रा, किरण राजपुत, पृथ्वी राज शर्मा भी मौजूद रहे। वहीं, बाबा लाल दयाल मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रम को विराम दिया गया। मंदिर में दस दिन तक महोत्सव चला। इसमें शिव विवाह, गणेश विवाह, कथा, भजन संध्या के कार्यक्रम हुए। शहर में तवी नदी किनारे प्रतिमा का विसर्जन किया गया। ब्यूरो