संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। ज्ञान, बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता भगवान गणेश का पर्व मंगलवार से शुरू हो गया। पूजन के साथ घरों, मंदिरों और परिसरों में बप्पा की स्थापना की गई। 10 दिवसीय उत्सव के आगाज पर शहरभर में आस्था का सैलाब उमड़ा। कहीं कलश यात्रा निकाली तो कई जगहों पर देर रात तक भक्ति में भक्त लीन रहे। विघ्नहर्ता से विघ्न दूर करने की कामना की गई। परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं का दिनभर मंदिरों में तांता लगा रहा। पंडाल में तड़के ही रौनक देखने के लिए मिली। विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद गणपति महाराज की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया।
गणेश चतुर्थी पर मंदिरों के शहर में गणपति बप्पा मोरया के जयकारे और मंत्रोच्चार के बीच प्रभु का आगमन हुआ। गांधीनगर की गोल मार्केट, लक्ष्मी नारायण मंदिर, सराजा ढक्की, तांगे वाली गली, पक्का डंगा, रेशमगढ़ आदि जगहों पर प्रतिमाएं स्थापित की गईं। कतार में इंतजार कर रहे लोग भगवान गणेश के दर्शन को उत्सुक थे। लक्ष्मी नारायण मंदिर कमेटी ने मूर्ति स्थापना से पहले दोपहर 12ः30 बजे कलश यात्रा निकाली। मंदिर परिसर को सुंदर ढंग से सजाया गया। दोपहर दो बजे प्रधान पुजारी और भक्तों द्वारा गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की गई।
गांधीनगर की गोल मार्केट में 39 फुट ऊंचे पंडाल में जयकारों के बीच 16 फुट की गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की गई। साथ ही 10 दिवसीय उत्सव का आगाज हो गया। इस दौरान पूरा पंडाल सहित क्षेत्र गणपति बप्पा के जयकारों और भक्ति में लीन हो गया। मंगलवार को सुबह दस बजे 16 फुट ऊंची बप्पा की प्रतिमा स्थापित हुई। इसके बाद गणेश पुराण कथा और यज्ञ हुआ। रात को आरती हुई जिसमें प्रभु को लड्डुओं का भोग लगाया गया। आरती में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने हिस्सा लिया। वहीं, सराजा ढक्की में 19 साल से महोत्सव मनाने की परंपरा जारी रही। आयोजक सन्नी ने बताया कि सुबह 11 बजे पूजा-अर्चना कर प्रतिमा स्थापित की गई। रोजाना रात नौ बजे और सुबह नौ बजे आरती होगी। इसके अलावा लंगर का आयोजन होगा।