जम्मू के गंग्याल के बैंक्वेट हॉल के सुरक्षा गार्ड रूम में कोयले की गैस चढ़ने से सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। शुभम अचेत होकर जलते कोयले पर गिर गया जिससे चेहरा, बाजू व सीन जल गया और मौके पर मौत हो गई। जबकि एक अन्य सुरक्षा गार्ड बेहोश हो गया। दोनों रात्रि ड्यूटी पर थे और ठंड से बचने के लिए सुरक्षा गार्ड रूम में कोयला जलाया था। दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे कोयले की गैस बन गई।
मृतक शुभम कुमार (24) पुत्र शिंदा राम निवासी पंचायत गांगो चक गांव गटाला का रहने वाला है। उसका शरीर 60 से 70 फीसदी जल गया। पुलिस के अनुसार बैंक्वेट हॉल प्रबंधन से घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंच कर देखा तो शुभम जलते कोयले पर गिरा था, जबकि साथी दूसरी तरफ पड़ा था। अचेत अवस्था में सुरक्षा गार्ड को उपचार के लिए जीएमसी भेजा गया, जहां उपचार चल रहा है और हालात स्थिर बताई जा रही है।
शुभम की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार सदस्य जीएमसी पहुंचे। लोगों ने मौत के कारण पता लगाने के लिए जांच की मांग की। परिवार के अनुसार सुबह पांच बजे घटना का पता चला, लेकिन शव काे सुबह 11 बजे जीएमसी पहुंचाया गया। अगर कोई साजिश नहीं है तो इतने समय तक शव को कमरे में क्यों रखा गया। परिवार ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि डेढ़ महीने पहले ही शुभम बैंक्वेट हॉल में सुरक्षा कर्मी की नौकरी पर लगा था। उसका दो साल का बच्चा है। शुभम शुक्रवार सुबह घर से गया था और रविवार को वापस आने की बात कही थी।
बंद कमरे में न जलाएं कोयला
बंद कमरे में कोयला जलाकर आग सेकना जानलेवा साबित हो सकता है। कोयले से कार्बन मोनो ऑक्साइड पैदा होती है। यह गैस ऑक्सीजन को पूरी तरह खत्म कर देती है। कमरा और खिड़कियां बंद होने के कारण गैस से जान तक जा सकती है। अगर कमरे में अलाव सेंकना है तो खिड़कियां या दरवाजे खुले रखने चाहिए।