जम्मू। गैंगस्टर और कुख्यात बदमाश राजेश डोगरा उर्फ मोहन चीर पर पीएसए रद्द कर दिया है। वकील एडवोकेट असीम साहनी ने उच्च न्यायालय में दलील दी। इस पर न्यायाधीश संजय धर ने कहा, रिकॉर्ड देखने के बाद पता चलता है कि याचिकाकर्ता का तर्क सही है। आरोपी को पिछली हिरासत में लेने पर पीएसए हटाया था। पुराने मामले को लेकर दोबारा पीएसए लगा दिया। ऐसा लगता है कि पहले के आदेश का तथ्य जिला मजिस्ट्रेट के ध्यान में नहीं लाया गया या जिला मजिस्ट्रेट ने उक्त तथ्य की अनदेखी की। किसी भी स्थिति में यह हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी की ओर से दिमाग का उपयोग न करने को दर्शाता है।आरोपी को तत्काल निवारक हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया जाता है, बशर्ते किसी अन्य मामले के संबंध में उसकी संलिप्तता न हो। उधर, एक अन्य मामले में न्यायाधीश संजय धर ने मुश्ताक खान उर्फ लक्की पर पीएसए को बरकरार रखा। आरोपी नशा तस्कर है। कहा कि आरोपी के पास कोई आधार नहीं है कि पीएसए हटा दिया जाए। जेएनएफ