जम्मू। देश को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ऐतिहासिक मुबारक मंडी में वर्षों तक शान से स्थापित रही प्रतिमा को पुरातत्व विभाग के स्टोर से 10 साल बाद भी रिहाई नहीं मिल पाई है। आज भी प्रतिमा स्टोर में धूल फांक रही है। उसे फिर स्थापित करने के लिए विभाग कोई फैसला नहीं ले पाया है।
ऐतिहासिक मुबारक मंडी के दरबार-ए-आम में राष्ट्रपिता की मूर्ति स्थापित की गई थी। इसी दरबार-ए-आम में महाराजा हरि सिंह का राज तिलक हुआ था और यहीं वह अपनी प्रजा की समस्याएं सुनते थे। महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित होने के बाद से इस स्थान का महत्व और भी बढ़ गया था। गांधी जयंती पर जम्मू में मुख्य समारोह यहीं होता था। जीर्णोद्धार के नाम पर मूर्ति को हटा दिया गया, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद आजतक मूर्ति स्थापित नहीं हो पाई है। 2012 में प्रतिमा को हटाया गया था, लेकिन दोबारा स्थापित नहीं हो पाई। हर साल इस संबंध में मांग उठती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गांधी के पड़ाव स्थल बनाए जाएं हेरिटेज साइट
जम्मू-कश्मीर में महात्मा गांधी की यात्रा ऐतिहासिक थी। बारामूला से आरएस पुरा तक उनकी यात्रा मार्ग पर पड़ाव स्थलों को हैरिटेज स्थलों के रूप में विकसित किया जाए। कुद में रेशम घर और जम्मू के अंबफला में जगन्नाथ शर्मा के मकान पर रुके थे। जगन्नाथ शर्मा रणबीर प्रिंटिंग प्रेस के महाप्रबंधक थे। अंबफला में आज भी यह मकान है, लेकिन इसमें अब कोआपरेटिव पब्लिक स्कूल चल रहा है।
- एसपी वर्मा, स्थानीय निवासी एवं पद्मश्री पुरस्कार विजेता
नौ लोगों को मिलेगा महात्मा गांधी सेवा पुरस्कार
गांधी ग्लोबल फैमिली की ओर से ऐतिहासिक मुबारक मंडी के दरबार-ए-आम में कार्यक्रम होगा। गांधी के बताए रास्ते पर काम करने वाले नौ लोगों को महात्मा गांधी सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसमें युवा और महिलाएं भी शामिल हैं।