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Gagangir Terror Attack: आतंकियों ने कर रखी थी रेकी, अंधाधुंध फायरिंग की, मजदूरों को भागने तक का नहीं मिला मौका

Mon, 21 Oct 2024 04:24 AM IST
विजय पुंडीर डॉ. बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू

सार

सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने पहले से ही मजदूरों की मूवमेंट की जानकारी कर रखी थी। उनके आने-जाने के समय की उन्हें सटीक जानकारी थी। यही वजह है कि जैसे ही कर्मचारी कैंप में वाहन से पहुंचे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया गया।
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Gagangir Terror Attack - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल के गगनगीर इलाके में आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों पर हमले के लिए पूरी रेकी कर रखी थी। सुरंग निर्माण के काम से लौटते ही पहले से घात लगाए आतंकियों ने हमला करते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मजदूरों को भागने तक का मौका नहीं मिला।

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सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने पहले से ही मजदूरों की मूवमेंट की जानकारी कर रखी थी। उनके आने-जाने के समय की उन्हें सटीक जानकारी थी। यही वजह है कि जैसे ही कर्मचारी कैंप में वाहन से पहुंचे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया गया। आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। कुछ मजदूर भागने लगे तो आतंकियों ने उन्हें भी निशाना बनाकर फायरिंग की। सूत्र बताते हैं कि अमरनाथ यात्रा मार्ग पर यह इलाका अपेक्षाकृत शांत रहा है। आसपास के इलाकों में सड़क किनारे दोनों ओर घने जंगल हैं। हमले के बाद दहशतगर्द जंगल में भाग निकले।
 
तीन साल में टारगेट किलिंग की घटनाएं

  • 18 अक्तूबर : शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान की हत्या
  • 17 अप्रैल 2024 : आतंकियों ने अनंतनाग में बिहार के प्रवासी शंकर शाह की गोली मारकर हत्या की
  • 8 अप्रैल 2024 : दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के पदपावन में आतंकियों ने गैर कश्मीरी स्थानीय ड्राइवर परमजीत सिंह को गोली मारी थी
  • 7 फरवरी 2024 : श्रीनगर के हब्बाकदल में अमृतसर के अमृत पाल और रोहित मसीह की हत्या की
  • 26 फरवरी 2023 : पुलवामा में कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की हत्या
  • 29 मई 2023 : अनंतनाग में आतंकियों ने सर्कस में काम करने वाले उधमपुर के दीपक कुमार की हत्या की
  • 15 अक्तूबर 2022 : शोपियां के चौधरीगुंड गांव में कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की हत्या।
  • अगस्त 2022 : शोपियां में आतंकियों ने बिहार के तीन प्रवासी मजदूरों को गोली मारी। सेब के बाग में एक कश्मीरी पंडित व बांदीपोरा में बिहार के एक प्रवासी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
  • नवंबर 2022 : शोपियां में उत्तर प्रदेश के कन्नौज के दो मजदूरों की हत्या
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गोलीबारी में सात की मौत, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी
गांदरबल में सोनमर्ग के पास गगनगीर इलाके में जेड मोड़ सुरंग निर्माण कर रही कंपनी में काम करने वाले मजदूरों पर रविवार की रात आतंकियों ने हमला कर छह मजदूरों और एक डॉक्टर की हत्या कर दी। कुछ अन्य मजदूर घायल हैं। इनमें पांच प्रवासी मजदूर भी हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।

आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की
गगनगीर गुंड इलाके में सुरंग बना रही कंपनी एप्को के कर्मियों के शिविर पर पहुंचकर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें मौके पर ही दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में एक कश्मीरी डॉक्टर तथा चार अन्य मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान डॉ. शाहनवाज और मजदूरों फहीम नजीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। इनमें गुरमीत पंजाब, अनिल मध्य प्रदेश और हनीफ, कलीम व फहीम बिहार के रहने वाले थे।

पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में सात मजदूरों की मौत
हमला होते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि आतंकियों को मार गिराया जा सके। आईजी वीके विर्दी भी मौके पर हैं। प्रवासी मजदूरों पर हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। आतंकियों की संख्या दो बताई जा रही है। यह वारदात शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान के आतंकी हमले में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है। हत्या के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को जुलूस निकालकर शांति की अपील की थी। पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में सात मजदूर मारे जा चुके हैं।
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उमर सरकार के 5 दिन में दूसरा आतंकी हमला
उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ लेने के पांच दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों पर यह दूसरा आतंकी हमला है। यह हमला जिस क्षेत्र में हुआ, वह उमर के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल में आता है। इस वर्ष गैर कश्मीरियों पर यह पांचवां हमला है। हमले ने यहां काम करने वाले 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां श्रमिकों में बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब के लोग ज्यादा हैं। 
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