गोलीबारी में सात की मौत, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी
गांदरबल में सोनमर्ग के पास गगनगीर इलाके में जेड मोड़ सुरंग निर्माण कर रही कंपनी में काम करने वाले मजदूरों पर रविवार की रात आतंकियों ने हमला कर छह मजदूरों और एक डॉक्टर की हत्या कर दी। कुछ अन्य मजदूर घायल हैं। इनमें पांच प्रवासी मजदूर भी हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।
पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में सात मजदूरों की मौत
हमला होते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि आतंकियों को मार गिराया जा सके। आईजी वीके विर्दी भी मौके पर हैं। प्रवासी मजदूरों पर हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। आतंकियों की संख्या दो बताई जा रही है। यह वारदात शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान के आतंकी हमले में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है। हत्या के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को जुलूस निकालकर शांति की अपील की थी। पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में सात मजदूर मारे जा चुके हैं।
उमर सरकार के 5 दिन में दूसरा आतंकी हमला
उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ लेने के पांच दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों पर यह दूसरा आतंकी हमला है। यह हमला जिस क्षेत्र में हुआ, वह उमर के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल में आता है। इस वर्ष गैर कश्मीरियों पर यह पांचवां हमला है। हमले ने यहां काम करने वाले 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां श्रमिकों में बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब के लोग ज्यादा हैं।