अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार लोगों के सक्रिय समर्थन और भागीदारी के साथ जी20 बैठक के लिए तैयार है। इसके सफल आयोजन से प्रदेश में पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। दुनिया जम्मू कश्मीर की संस्कृति और आतिथ्य का भी गवाह बनेगी। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को झेलम राजबाग रिवर फ्रंट परियोजना को जनता को समर्पित करने के दौरान कही।
उपराज्यपाल ने कहा, श्रीनगर स्मार्ट सिटी ने राजबाग रिवर फ्रंट खंड को विश्वस्तरीय सार्वजनिक स्थान में बदल दिया है। नदी-लोगों के जुड़ाव को मजबूत किया है। यह जम्मू-कश्मीर के तेजी से विकास का भी मजबूत संकेतक है। उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल ने राजसी तट के लिए लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा, झेलम राजबाग रिवर फ्रंट शहरी उत्कृष्टता का एक मॉडल है और यह नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि हम स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं, जो सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेगा और नदी की विशाल अप्रयुक्त क्षमता को भी अनलॉक करेगा।
उपराज्यपाल ने राजबाग रिवर फ्रंट के 6 किमी लंबे खंड को वॉकवे, साइकलिंग, ग्रीन स्पेस, फ्री वाईफाई, यूनिवर्सल एक्सेस और रास्ते में कई गतिविधियों जैसी सुविधाओं के साथ विश्व स्तरीय सार्वजनिक स्थान के रूप में विकसित करने के लिए श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में एक पुस्तकालय और कैफे भी विकसित किया जाएगा। नदी के दूसरी तरफ भी काम जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर शहर जल निकायों के आसपास विकसित और फला-फूला, जिसने समाज, स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति की समृद्धि में योगदान दिया। यकीन है कि यह लोगों के जीवन स्तर में योगदान देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
इस मौके पर एसएमसी के आयुक्त और श्रीनगर स्मार्ट सिटी के सीईओ अथर आमिर खान ने परियोजना की प्रमुख विशेषताओं के बारे में उपराज्यपाल को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झेलम रिवर फ्रंट की कल्पना लगातार चलने और साइकिल चलाने के साथ-साथ पार्कों और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे स्वच्छता, बैठने की जगह और उच्च गुणवत्ता वाली रोशनी से सुसज्जित सार्वजनिक प्लाजा के रूप में की गई है। इसके अलावा, श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सार्वजनिक परिवहन और अवकाश दोनों के उद्देश्य से जल-परिवहन और झेलम क्रूज की परियोजना भी शुरू की है। इसके अलावा एसएमसी के मेयर जुनैद अजीम मट्टू, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, एसीएस गृह विभाग आरके गोयल, वित्तीय आयुक्त राजस्व शालीन काबरा, संभागीय आयुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख नागरिक उपस्थित थे।