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जी20 बैठक: रंग-बिरंगे डोगरी कपड़े पहन और कश्मीरी गीत गाते हुए स्वागत, विदेशी मेहमान भी बोले.. नमस्ते नमस्ते

Tue, 23 May 2023 02:08 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

श्रीनगर में आयोजित जी20 की बैठक से पहले विदेशी मेहमानों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। रंग-बिरंगे डोगरी कपड़े पहने और कश्मीरी गीत गाते हुए कलाकारों ने मेहमानों का स्वागत किया। इससे वह खुशनजर आए। 
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श्रीनगर में विदेशी मेहमानों का स्वागत करते मेजबान - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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60 विदेशी सहित 122 प्रतिनिधि सोमवार को जी20 पर्यटन कार्य समूह की तीसरी बैठक के लिए श्रीनगर पहुंचे। केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी और जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने श्रीनगर हवाईअड्डे पर प्रतिनिधियों का स्वागत किया। रंग-बिरंगे डोगरी कपड़े पहने और कश्मीरी गीत गाते हुए कलाकारों ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह आयोजन कश्मीर से निकलने वाले झूठे आख्यानों को गलत साबित करेगा।

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श्रीनगर में विदेशी मेहमानों का स्वागत करते मेजबान - फोटो : बासित जरगर
घाटी में आतंकवादी खतरों के मद्देनजर हवाई निगरानी के साथ ड्रोन और डल झील पर नौसेना के एलीट मार्कोस कमांडो के साथ सुरक्षा का बड़ा घेरा बनाया गया था। हालांकि सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों की दृश्यता काफी कम रही। देश विरोधी तत्वों पर नजर रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सिविल में भी तैनात किए गए थे। अधिकारियों ने कहा कि जी20 समूह के कई देशों के प्रतिनिधि कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह एक चार्टर्ड विमान से श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।

श्रीनगर में विदेशी मेहमानों का स्वागत करते मेजबान - फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती के बीच प्रतिनिधियों को बैठक स्थल शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) ले जाया गया। प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए दीवारों और होर्डिंग्स पर जी20 लोगो के साथ मार्ग को नया रूप दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि जहां एसकेआईसीसी के आसपास के बुलवर्ड रोड को तीन दिनों के लिए नो-गो जोन बना दिया गया है, वहीं प्रतिनिधियों वाले मार्ग और एयरपोर्ट रोड से डलगेट तक के मार्ग पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती है।

श्रीनगर में विदेशी मेहमानों का स्वागत करते मेजबान - फोटो : बासित जरगर
कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एनएसजी और मरीन कमांडो तैनात किए गए हैं। मार्ग के साथ-साथ और शहर के संवेदनशील स्थानों पर एरिया डोमिनेशन और सर्च अभ्यास किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि किसी विस्फोटक या आईईडी की जांच के लिए स्कैनर और खोजी कुत्तों को लगाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि शहर से गुजरने वाले वाहनों की औचक जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई विध्वंसक तत्व शहर में प्रवेश न कर पाए।

श्रीनगर में विदेशी मेहमानों का स्वागत करते मेजबान - फोटो : बासित जरगर
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने मेहमानों के लिए बैठक स्थल और आवास सुविधाओं के दृश्य के साथ ज़बरवन पहाड़ी रेंज के ऊंचे इलाकों को कवर करने के लिए सेना को शामिल किया है। इस बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तीस कंपनियां, जिन्हें पहले देश के बाकी हिस्सों में चुनाव ड्यूटी के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर ले जाया गया था, को घाटी में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए वापस बुला लिया गया है। एनएसजी की काउंटर-ड्रोन यूनिट को यह सुनिश्चित करने के लिए सेवा में लगाया गया है कि कोई अवांछित हवाई घुसपैठ न हो।

कश्मीर पहुंचे विदेशी मेहमान - फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों के अनुसार, शहर या अन्य जगहों पर लोगों की आवाजाही या सार्वजनिक परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर भर में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले हैं और जनजीवन बिल्कुल सामान्य है। अक्सर ऐसे अवसरों पर अलगाववादियों की बंद की कॉल के चलते लाल चौक और अन्य इलाके बंद होते थे लेकिन सोमवार को सुबह से ही इन इलाकों में रौनक देखने को मिली।

श्रीनगर में जी20 के मंच पर अतिथि - फोटो : बासित
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर बैठक में कच्छ के रण, गुजरात और सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में पहले दो पर्यटन कार्य समूह की बैठकों की तुलना में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई है। पांच प्रतिनिधियों का सबसे बड़ा समूह सिंगापुर से है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक के लिए चीन, तुर्की और सऊदी अरब से कोई प्रतिनिधि श्रीनगर नहीं पहुंचा।
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श्रीनगर में शिकारे का आनंद लेते मेहमान - फोटो : बासित जरगर

बैठक के बाद शिकारे की सैर की

सोमवार को बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने जगमगाते हुए शिकारों में डल झील में सैर की। इसके बाद उन्होंने एसकेआईसीसी के बैक लॉन्स में आयोजित गाला डिनर में भाग लिया। मिली जानकारी के अनुसार प्रतिनिधि 23 मई को एसकेआईसीसी में डल झील पर पर्यटन पर मुख्य बैठक में भाग लेंगे। समारोह स्थल पर कश्मीरी कला, शिल्प और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगाए गए हैं।
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