- डीआईजी और डीसी की मौजूदगी में सशस्त्र सलामी के साथ शहीद पीएसआई दीपक शर्मा का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जीएमसी कठुआ में गैंगस्टरों के साथ मुठभेड़ में घायल होने के बाद बलिदान हुए पीएसआई दीपक शर्मा का बुधवार दोपहर बाद देविका घाट पर डीआईजी और डीसी की मौजूदगी में सशस्त्र सलामी के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने देविका घाट पर पहुंचकर बलिदानी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
दीपक शर्मा 2019 में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह प्रोबेशनरी सब इंस्पेक्टर के तौर पर अपनी ड्यूटी सांबा में दे रहे थे। वह उधमपुर शहर के साथ लगते चेरी स्याल के निवासी थे। बुधवार सुबह जब उनके बलिदान होने की खबर शहरवासियों को लगी तो क्षेत्र में मातम छा गया। आसपड़ोस के लोगों के अलावा रिश्तेदार भी शहीद के घर पहुंचना शुरू हो गए। बुधवार दोपहर दो बजे बलिदानी का पार्थिव शरीर पुलिस के वाहन में तिरंगे से लिपटा घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
दीपक शर्मा की पोस्टिंग सांबा के रामगढ़ थाने में थी। दाे दिन पहले ही वह घर आए थे, जहां माता-पिता और भाइयों से मिलकर वापस ड्यूटी पर चले गए। वह घर में सबसे छोटे थे। शहीद के दो भाई और एक बहन है। सबसे बड़ा भाई अरुण शर्मा आईटीबीपी में है, जबकि छोटा अक्षय शर्मा सीआईएसएफ में है। बहन गुड़िया दिल्ली में पढ़ाई कर रही है। दीपक शर्मा की शादी 2022 में उधमपुर के स्याल गांव की अलका के साथ हुई थी। 20 अप्रैल को उनकी दूसरी मैरिज एनिवर्सरी थी।
दोस्तों ने गोल मेला से बाइक रैली
निकाल घर पहुंचाया पार्थिव शरीर
कठुआ से जब शहीद दीपक शर्मा के पार्थिव शरीर को लेकर वाहन उधमपुर आ रहा था तो उनके सभी दोस्त इकट्ना होकर हाथों में तिरंगा लेकर अपने-अपने मोटरसाइकिलों पर गोल मेला पहुंच गए। यहां से सभी लोग पार्थिव शरीर को ला रहे वाहन के आगे जब तक सूरज चांद रहेगा... दीपक तेरा नाम रहेगा के नारे लगाते हुए घर तक आए।
बड़े भाई ने दी मुखाग्नि
दोपहर दो बजे दीपक शर्मा का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा और साढ़े तीन बजे शहीद की अंतिम यात्रा घर से निकली। शाम साढ़े चार बजे देविका घाट पर बड़े भाई अरुण शर्मा ने मुखाग्नि देकर भाई का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान शहीद के पिता ज्योति प्रकाश व उनके भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। देविका में पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे जहां पर शहीद दीपक शर्मा को गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ सशस्त्र सलामी दी गई। इस मौके पर डीसी उधमपुर सलोनी रॉय, डीआईजी उधमपुर-रियासी रेंज रईस मोहम्मद बट, एसएसपी उधमपुर जोगिंद्र सिंह, एसएसपी सांबा विनय कुमार के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। गॉर्ड ऑफ ऑनर के दौरान वहां पर मौजूद सभी लोगों की आंखें नम थीं।