-डीजीपी ऑपरेशन नलिन प्रभात समेत अन्य अफसरों ने दी श्रद्धांजलि, बेटे से कहा-आपके पिता बहुत जांबाज थे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कठुआ आतंकी मुठभेड़ में बलिदान हुए हेड कांस्टेबल बशीर अहमद को पुलिस मैदान जम्मू में पुलिस सम्मान के साथ रविवार को अंतिम विदाई दी गई।
डीजीपी ऑपरेशन नलिन प्रभात ने बशीर अहमद को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बशीर का परिवार पत्नी नजमा, बेटे फरीद आलम, रजत अली, बेटी रबिया और साबिया मौजूद थीं। डीजीपी ने परिवार से बात की। बेटे रजत अली को डीजीपी ने गले लगाकर कहा कि मैं आपके पिता को जानता तो नहीं था लेकिन जितने भी लोगों से उनके बारे सुना। उससे यहीं पता चला कि आपके पिता बहुत जांबाज थे। पुलिस महकमा आपके साथ खड़ा है। हर समय आपके साथ है।
वहीं एडीजीपी जम्मू आनंद जैन, मंडलायुक्त रमेश कुमार, डीसी सचिन कुमार, डीआईजी विनोद कुमार, डीआईजी शिव कुमार, एसएसपी जोगिंदर सिंह समेत अन्य अफसरों ने भी बशीर अहमद को श्रद्धांजलि दी।
ताबूत से लिपट कर रोया भाई
श्रद्धांजलि देते समय बलिदानी बशीर के ताबूत से लिपट कर उनके भाई शब्बीर अहमद फफक-फफक कर रोने लग पड़े, जबकि उनका बेटा फरीद भी फफक कर रोया। इन्हें पास मौजूद लोगों ने ढांढस बंधाया।
पिता की शहादत पर गर्व, दोपहर को हुई थी बात
बशीर के बेटे रजत अली ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पिता के साथ फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया कि कठुआ के आगे जा रहे हैं। कहीं पर आतंकियों के होने की सूचना है। बस इतनी ही बात हुई थी। इसके बाद कोई बात नहीं हुई। उसने कहा कि पिता की शहादत पर गर्व है।