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Jammu : JKLF के पूर्व आतंकी श्रीनगर में कर रहे थे मंत्रणा, हुर्रियत को जिंदा करने की साजिश, पुलिस ने उठाया

Mon, 10 Jul 2023 03:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पुलिस के मुताबिक उन्हें सत्यापन के लिए कोठीबाग थाने लाया गया। पूछताछ शुरू हो गई। प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि वे जेकेएलएफ और हुर्रियत को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे थे।
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file pic - फोटो : बसित जरगर
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विस्तार
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कश्मीर घाटी में फिर से जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) और हुर्रियत को जिंदा करने की साजिश रची गई है। इस साजिश के तहत रविवार को श्रीनगर के एक होटल में बुलाई गई बैठक की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर 40 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है।

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पुलिस ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि जेकेएलएफ के पूर्व आतंकियों व अलगाववादियों ने श्रीनगर के एक होटल में दोपहर के वक्त बैठक बुलाई है। इस सूचना के आधार पर तत्काल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए होटल को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान पाया गया कि सारे लोग बैठक कर रहे हैं। इस पर सभी लोगों को कोठीबाग थाने लाया गया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सारे लोग बैठक कर दोबारा जेकेएलएफ तथा हुर्रियत को जिंदा करने की साजिश रच रहे थे। सूत्रों ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। होटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी कब्जे में लिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि और भी लोग बैठक के सिलसिले में तो नहीं आए थे। 
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होटल प्रबंधन से भी होगी पूछताछ 
पुलिस इस मामले में होटल प्रबंधन से भी पूछताछ कर सकती है कि उसने इस बात की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी। सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में जेकेएलएफ के फिरदौस अहमद शाह, यासीन भट व मोहम्मद रफीक पहलू, हुर्रियत के मौलवी अब्बास अंसारी का बेटा मसरूर अब्बास अंसारी, प्रो. अब्दुल गनी भट का बेटा जहांगीर अहमद भट, शमसुद्दीन रहमान शामिल है। सूत्रों ने बताया कि इन लोगों के अलावा 30-40 अलगाववादियों ने दोपहर के वक्त सिविल लाइंस के एक होटल में बैठक बुलाई थी।

सोशल मीडिया से संपर्क साधने का शक
सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का इसमें बड़ा साथ है। इसके लिए घाटी के पुराने लोगों से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क साधने का शक है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की कड़ी जोड़ी जा रही है। 

आतंकवाद और अलगाववाद के मोर्चे पर नाकाम पाकिस्तान का नया दांव
आतंकवाद, अलगाववाद के मोर्चे पर नाकाम होने के बाद पाकिस्तान ने नया दांव चला है। साजिश यह है कि पुराने साथियों को साथ लेकर दोबारा कश्मीर में अलगाववाद को हवा दी जाए। इसमें जमात ए इस्लामी के कैडर को भी साथ लेने की साजिश रची गई है।

अनुच्छेद 370 हटने के चार साल में घाटी में आई शांति पाकिस्तान को नागवार गुजर रही है। इससे वह पुराने साथियों के जरिये चाहता है कि बंद व हड़ताल का दौर फिर शुरू हो। कश्मीर में दोबारा पत्थरबाजी हो। पाकिस्तान व आतंकी संगठनों के झंडे लहराए जा सकें। दरअसल, अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद आतंकी, अलगाववादी गतिविधियां ठप हो जाने से पाकिस्तान को कश्मीर एजेंडा फेल होता नजर आ रहा है।

विरोध के बाद भी भारत श्रीनगर में जी20 की बैठक कराने में सफल रहा, जिससे पूरी दुनिया ने आए बदलावों का सच जान लिया। इसी बौखलाहट में पाकिस्तान ने नई साजिश रची और फिर से आतंकवाद व अलगाववाद को जिंदा करने का दांव खेला। इसके लिए उसने पूर्व आतंकियों तथा अलगाववादी रहे लोगों को मोहरा बनाया। घाटी के अंदरुनी इलाके में सुरक्षा कड़ी होने तथा लोगों का समर्थन कम मिलने के कारण आतंकी घटनाएं नहीं हो पा रही हैं। 

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