लद्दाख के हनले गांव में अब रात को विदेशी पर्यटक रुक पाएंगे और यहां से टिमटिमाते तारों का सबसे आकर्षक नजारा देख पाएंगे। वीजा मैन्युअल 2019 में संरक्षित तथा प्रतिबंधित क्षेत्र में संशोधन करने के बाद इसकी अनुमति दे दी गई है।
इसके साथ ही मार्टसेमिक तथा स्को घाटी को पर्यटन व ट्रैकिंग के लिए खोला जाएगा। इसके लिए भी गृह मंत्रालय ने सहमति दे दी है। इन प्रयासों से बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
स्वायत्त विकास परिषद लेह के मुख्य कार्यकारी पार्षद (सीईसी) ताशी ग्यालसोन ने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व उप राज्यपाल ब्रिगेडियर डॉ. बीडी मिश्रा का आभार जताया है।
ज्ञात हो कि हनले में सबसे ऊंची भारतीय खगोलीय वैधशाला है। यहां से आसमान में टिमटिमाते तारे बेहद आकर्षक नजारा पेश करते हैं। रात में हनले गांव में विदेशी पर्यटकों को रुकने की अनुमति पहले नहीं थी। इस वजह से पर्यटक मायूस रहते थे।
नई व्यवस्था के तहत यहां पर्यटकों के काफी संख्या में पहुंचने की संभावना है। इससे अर्थव्यवस्था में न केवल सुधार आएगा बल्कि पर्यटन को भी बल मिलेगा। भारत-तिब्बत सीमा के नजदीक होने के कारण यहां पर्यटकों को घूमने के लिए परमिट की आवश्यकता रहती थी।