संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कश्मीर घाटी में फुटबाल खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने वाले प्रमुख व्यवसायी और रियल कश्मीर फुटबाल क्लब (आरकेएफसी) के मालिक संदीप चट्टू को मंगलवार को अंतिम विदाई दी गई। 57 वर्षीय चट्टू का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से गुरुग्राम में निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से पैतृक स्थान जम्मू लाया गया, जहां खेल जगत, राजनीतिक दलों, व्यवसायियों सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। मुखाग्नि बेटे समर्थ ने दी।
दीप चट्टू को कश्मीर घाटी में फुटबाल खेल को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। चट्टू की मौत से खेल जगत में शोक की लहर है। खासकर जम्मू-कश्मीर में, जहां उन्होंने खेल में अहम योगदान दिया। चट्टू ने स्थानीय खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 2016 में रियल कश्मीर फुटबाल क्लब (आरकेएफसी) की स्थापना की। उनके नेतृत्व में क्लब ने बड़ी सफलता हासिल की, जिसमें 2018 में सेकंड डिवीजन आई-लीग और दिसंबर 2020 में आईएफए शील्ड के 123वें संस्करण में जीत हासिल करना था।
स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए चट्टू की अटूट प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप जम्मू-कश्मीर के कई खिलाड़ियों ने प्रमुख फुटबाल लीग में भाग लिया। फुटबाल के प्रति उनका जुनून और युवा एथलीटों के उत्थान के लिए समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन पर खिलाड़ियों के अलावा फुटबाल संघों ने संवेदना व्यक्त की है।
पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने उन्हें एक अमूल्य रत्न बताया। अपनी पार्टी के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री उस्मान माजिद वानी ने कहा कि चट्टू का निधन बड़ी क्षति है। पूर्व एमएलसी चरण जीत सिंह खालसा ने कहा कि एक भाई को खो दिया है, जिसने घाटी के युवा फुटबालरों को तैयार किया। पीडीपी की यूथ विंग ने स्थानीय खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के उनके प्रयास की सराहना की। जम्मू-कश्मीर फुटबाल एसोसिएशन ने भी संवेदना व्यक्त की। इंडियन सुपर लीग के आयोजकों ने भी बड़ी क्षति बताया है। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के पूर्व महासचिव शाजी प्रभाकरन ने जम्मू-कश्मीर में फुटबाल में चट्टू के अपार योगदान को याद किया। कहा कि उनके द्वारा बनाए क्लब के माध्यम से विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा। आरकेएफसी के पूर्व कोच डेविड रॉबर्टसन ने उन्हें एक सज्जन व्यक्ति और महान दोस्त बताया। मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाज ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जम्मू-कश्मीर के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में आरकेएफसी की स्थापना में चट्टू की अग्रणी भूमिका को स्वीकार किया।