श्रीनगर। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर घाटी में लगातार जारी बारिश का सिलसिला मंगलवार को थम गया। इससे घाटी के लोगों विशेषकर निचले इलाकों में रहने वालों ने राहत की सांस ली है।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के कुछ इलाकों के साथ साथ अन्य ज़िलों के कुछ निचले इलाकों को छोड़कर कश्मीर में बाढ़ का खतरा मंगलवार को कम हो गया। तीन दिन की लगातार बारिश सोमवार देर रात रुकने के बाद झेलम और घाटी के अन्य जल निकायों में जल स्तर कम होना शुरू हो गया।
अधिकारियों ने कहा कि नदी के निचले इलाकों में पानी का स्तर कुछ घंटों तक बढ़ता रहा और मंगलवार तड़के पुलवामा के पांपोर और श्रीनगर के राम मुंशी बाग में बाढ़ के खतरे के निशान को पार कर गया। हालांकि बारिश के थमने के बाद इसमें कमी आने लगी है। इस बीच देर रात झेलम नदी का जल स्तर भी अनंतनाग जिले के संगम में बाढ़ के खतरे के निशान को पार कर गया, लेकिन जब रात 11 बजे के आसपास बारिश रुकी तो अधिकारियों ने कहा कि जलस्तर अब कम हो रहा है। शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश के कारण कश्मीर में जलाशयों में बाढ़ आ गई है और कुपवाड़ा जिले में पोहरू नाले के किनारों से ऊपर बह गया, जिसके परिणामस्वरूप सीमांत जिले में अचानक बाढ़ आ गई।