महिलाओं के लिए बनाए शौचालयों की हालत दयनीय
शहर की आबादी 40 हजार, ग्रामीण इलाकों के लोग खरीदारी के लिए अकसर आते हैं शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे में महिलाओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। कहने को तो पांच सार्वजनिक शौचालय हैं, लेकिन चालू हालत में एक ही है। बचे हुए चार में से एक में गंदगी का आलम तो एक पर ताला लटका है। वहीं एक बंद है और एक को शुरू ही नहीं किया गया है, जबकि एक का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किया जा रहा है।
शहर की आबादी 40 हजार है। ग्रामीण इलाकों के लोग यहां अकसर खरीदारी के लिए आते हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों को भी सुलभ शौचालय नहीं होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतने बड़े शहर में महिलाओं के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था ही नहीं है। हालांकि म्युनिसिपल कमेटी ने कस्बे में पांच सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। इनमें से हाईवे पर एक ही शौचालय है, जो सही से काम कर रहा है। बार्डर मार्ग बाजार का शौचालय बंद है, जबकि सुंब मार्ग वाले शौचालय में गंदगी का आलम है। वहीं मुख्य बस अड्डा के पास वाले शौचालय पर ताला लटका है तो किले वाले शौचालय को चालू ही नहीं किया है। इसके अलावा पढ़ेल में बने शौचालय का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाता है।
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पहले कोरोना वायरस के दौरान फंड की कमी रही। मेगा प्रोजेक्ट के तहत 40 लाख की योजना बनाई थी, लेकिन फंड ही नहीं मिला। इस कारण महिलाओं के लिए विशेष शौचालय नहीं बन पाए।
इंदु जम्वाल, पूर्व पार्षद, वार्ड 4 सांबा।
नगर परिषद की बैठक में एक बार कस्बे में दो जगह सुंब मार्ग व मुख्य बस अड्डा पर महिलाओं के लिए शौचालय बनाए जाने की योजना बनाई थी। इसके लिए तत्कालीन उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से बैठक में बात हुई थी कि महिलाओं के लिए शौचालय बनाएं जाएं। मगर बाद में मामला लटक गया और शौचालयों का विकास नहीं हो सका।
रजनी संब्याल, पूर्व उपाध्यक्ष नगर परिषद सांबा।
सांबा कस्बे में महिलाओं के लिए कोई भी शौचालय नहीं है। इसके लिए कई बार मांग को उठाया था। मगर महिलाओं के लिए स्पेशल शौचालय बनाए जाएं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो सार्वजनिक शौचालय बने हैं उनमें गंदगी का आलम बना हुआ है।
रीना चौधरी, पूर्व सरपंच पंगदोर सांबा।
कस्बे में सुलभ शौचालय बनाए गए हैं। यह एक तरफ से पुरुष और एक तरफ से महिलाओं के लिए हैं। इनकी देखरेख सुलभ सामाजिक संस्था करती है। सुंब मार्ग पर शौचालय बनाया है। इसके लिए आम लोगों को भी अपने सतर पर साफ-सफाई रखनी चाहिए। पानी की भी व्यवस्था की है, लेकिन लोग पानी का इस्तेमाल ही नहीं करते हैं। इस कारण गंदगी रहती है। हमारे कर्मी साफ-सफाई करते रहते हैं।
जोध राज, सीईओ नगर परिषद सांबा।