जिलावार टोल फ्री नंबर जारी करें, अग्नि अलर्ट पर प्राथमिकता पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) एवं एचओएफएफ, रोशन जग्गी ने सामाजिक वानिकी विभाग, वन्यजीव संरक्षण विभाग और वन सुरक्षा बल के फील्ड अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहते हुए आगामी गर्मियों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने को कहा है। संबंधित जिलों के डीएफओ जंगल में आग लगने की घटनाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने के लिए विभाग के टोल फ्री नंबरों को प्रचारित करें।
यहां वीरवार को पीसीसीएफ ने वन अग्नि रोकथाम और प्रबंधन पर यूटी स्तरीय निगरानी समिति की 8वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व में सभी जरूरी इंतजाम करने को कहा। कहा कि भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा जारी किए गए अग्नि अलर्ट का प्राथमिकता के आधार पर जवाब दिया जाएगा और आग पर काबू पाने के लिए की गई कार्रवाई की सूचना सुबह 11 बजे तक रोजाना दी जाएगी। उन्होंने जंगल की आग से निपटने के लिए लोगों और संसाधनों की गतिशीलता का ख्याल रखने के लिए बजटीय प्रावधानों की समीक्षा की।
मुख्य वन्यजीव वार्डन सर्वेश राय ने संयुक्त नियंत्रण कक्षों के सुचारू संचालन पर जोर दिया। उन्होंने हितधारकों को जागरूक करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए स्थानीय स्तर पर ब्लॉक वन अधिकारियों द्वारा पाक्षिक बैठकें करने का सुझाव दिया। डॉ. सीएम सेठ (सेवानिवृत्त आईएफएस और पर्यावरणविद्ध) ने आगामी आग के मौसम के अगले तीन महीनों के लिए रेडियो और अन्य आउटरीच कार्यक्रमों पर पैनल चर्चाओं और आकर्षक जिंगल के माध्यम से ग्रामीण व शहरी दोनों आबादी के बीच जागरूकता बढ़ाने का सुझाव दिया। गोल्डन समय में जंगल की आग की घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाए। श्री माता वैष्णो देवी की त्रिकुटा पहाड़ियों और यात्रा मार्ग पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए डीएफओ रियासी को श्राइन बोर्ड के साथ समन्वय करके संसाधनों को एकत्रित करने और यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा। पीसीसीएफ ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ समन्वय पर जोर दिया। यह निर्णय लिया गया कि आग पर काबू पाने के लिए जहां भी संभव हो, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) और अग्निशमन सेवा विभाग की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा।