जम्मू। दीपोत्सव के अखिरी दिन भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई की लंबी उम्र और सौभाग्य के लिए पूजा-पाठ कर शुभ मुहूर्त में टीका लगाया। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज मनाई जाती है। सूर्योदय व्यापिनी कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि 27 अक्तूबर वीरवार को थी, इसलिए अधिकांश बहनों ने वीरवार को ही भाइयों को टीका लगाया। टीका लगाने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:48 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक का था।
वीरवार को भाई दूज पर बहनें अपने भाई के घर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने भाई के माथे पर सिंदूर का तिलक लगाकर कलावा बांधा और उसके स्वास्थ्य व दीर्घ आयु की कामना की। इस दौरान भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए। दोपहर 12:48 बजे तक टीका लगाने का मुहूर्त होने के कारण सुबह से ही बहनों का अपने भाइयों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद बहनों ने भाई को टीका लगाया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार के रूप में ड्रेस, घड़ी, चूडियां, हैंडबैग, मोबाइल आदि दिए। शहर के अंबफला स्थिति बाल आश्रम में भाई दूज का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। आश्रम प्रबंधक ने कहा कि हर साल भाई दूज का पर्व मनाया जाता है।