नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इतिहास साबित करेगा कि शेख अब्दुल्ला और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश के लिए क्या किया। देश के सबसे बड़े नेताओं के खिलाफ बोलने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का हिस्सा ही नहीं बल्कि देश का ताज है।
श्रीनगर में पत्रकारों से किरन रिजिजू के बयान पर बोलते हुए डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने कहा, देखिए तारीख जो है वो खुद साबित करेगी कि कौन हीरो था कौन नहीं। इंसान के कहने से क्या होता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में क्या कहा जाता है, लेकिन इतिहास है, कोई भूल नहीं सकता।
नेहरू 17 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे। हिंदुस्तान में था क्या, हम लोग सब चीज बाहर से ही लाते थे। सुई तक हम बाहर से लाते थे। 17 साल में हम लोग एटॉमिक एनर्जी बना रहे हैं। कोई भूल सकता है इसको। औद्योगीकरण कैसे हुआ, कहां से यह वतन उठा।
लोग कहेंगे उनको कहने दीजिए। उन्होने कहा कि बयान आते रहते हैं और कोई रोक नहीं सकता किसी को बयान देने से। डॉ. फारूक़ ने कहा कि तारीख कभी भूल नहीं सकती है, शेख अब्दुल्ला की कुर्बानियां कोई भूला नहीं सकता है। क्या यहां के लोग भूल सकते हैं जिनको बोलना तक नहीं आता था, जिनको ‘हतो’ कहा जाता था।
उन्होंने कहा कि आज कश्मीरी खड़ा है और सिर ऊपर उठाकर बात कर सकता है। आज कोई मुल्क नहीं है जहां वो (कश्मीरी) बड़े बड़े ओहदों पर नहीं हैं। यह सब शेख अब्दुल्ला की मेहनत से हुआ है।
भाजपा नेता तरुण चुग के बयान कि यहां के नेता यहां अलग बयान देते हैं और दिल्ली में अलग प्रतिक्रिया देते हैं... पर फारूक ने कहा कि उसमें कौन सी नई बात है, ऐसा तो पहले से कहा जा रहा है। डॉ. अब्दुल्ला कहा कि हमें यह बात याद रखनी चाहिए कि हम गुलाम नहीं हैं।
हम हिंदुस्तान का हिस्सा हैं और देश का ताज हैं। उन्होंने कहा, उनको होश से बात करनी चाहिए, कभी हम आवाज खोलेंगे तो वो टिक नहीं सकेंगे। बकवास की बातें उनको बंद करनी चाहिए। उन्हें दिल जोड़ने की बातें करनी चाहिएं। इन बातों से दिल जोड़े नहीं तोड़े जाते हैं।