- कश्मीर में 37 हजार तो जम्मू संभाग में 3513 टन खाद की कमी,
सतीश वालिया
जम्मू। जम्मू संभाग के कठुआ सहित अन्य जिलों में 10 दिन से आ रही खाद की किल्लत आपूर्ति शुरू होने से दूर होने लगी है। वहीं, जम्मू के आरएस पुरा में नेनो यूरिया साथ देने की शर्त को भी प्रशासन ने खत्म कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नैनो यूरिया लेना अनिवार्य नहीं है, जो किसान इसे नहीं लेना चाहते उनको जबरदस्ती न दिया जाए। गेहूं की फसल को अभी दो बार और यूरिया डालने की जरूरत के चलते आने वाले दिनों में फिर खाद का संकट गहरा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खाद के लिए केंद्र सरकार को मांग भेजी गई है। जानकारी के अनुसार, जम्मू संभाग में 3513 टन तो कश्मीर में 37 हजार टन खाद की कमी चल रही है। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में 40490 टन खाद की जरूरत है, लेकिन 36977 टन ही उपलब्ध है। इसी तरह 13286 टन डीएपी की जरूरत है, जो 9070 एमटी उपलब्ध है। यूरिया 25190 टन चाहिए जो 24434 टन उपलब्ध है। 26970 टन एमओपी की जरूरत है, लेकिन इस वक्त स्टॉक में 11885 टन ही उपलब्ध है।
विभाग के अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी में 80 हजार टन खाद चाहिए, लेकिन वर्तमान में 43 हजार टन ही उपलब्ध है। इसमें एमओपी और डीएपी खाद लगभग 42 हजार टन चाहिए। विभाग के पास सिर्फ 27 हजार टन ही उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार, बारिश के बाद फसलों में खाद डालने के चलते मांग बढ़ी है। किसानों को खाद स्टोर, सोसायटियों और अन्य फर्मों के माध्यम से खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। फसल की अच्छी पैदावार के लिए फरवरी में खाद और उर्वरकों की जरूरत होती है।
एक हफ्ते बाद उपलब्ध हो पाई खाद
कठुआ जिले के बिलावर में किसान एक सप्ताह से खाद नहीं आने से परेशान थे। किसानों ने इसे लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों के समक्ष रोष भी जताया था। अब जाकर सहकारी सोसाइटियों में खाद उपलब्ध हुई है। किसानों का कहना है कि पहले ही लंबे ड्राई स्पैल के चलते फसलें पीली पड़ गई हैं और ऊपर से खाद की आपूर्ति भी देरी से हुई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी।
-
बसोहली में स्टॉक खत्म, किसान परेशान
वहीं, बसोहली के कंडी इलाके में खाद नहीं मिल पाने से किसान परेशान हैं। यूरिया विक्रेताओं ने बताया कि एक सप्ताह से खाद का इंतजार कर रहे हैं। किसान शाम सिंह ने बताया कि यूरिया नहीं मिल पा रहा, चले की फसल पीली पड़ रही है। कृषि विभाग के अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जा रही है, लेकिन अब स्टॉक खत्म हो गया है। जो फसलें पीली पड़ रही हैं, उनका खेतों में जाकर जायजा लिया जाएगा कि यह तापमान या पानी की कमी के कारण है या फिर येलो रस्ट की वजह है। जांच के बाद दवा के छिड़काव की सलाह दी जाएगी।
-
जम्मू संभाग में खाद की कमी नहीं है और यह किसानों को मुहैया करवाई जा रही है। दो सप्ताह के अंदर केंद्र से खाद की और आपूर्ति हो सकती है। कठुआ में अगर खाद न मिलने की दिक्कत है तो सीएओ से संपर्क करें। यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में है।
- रामसेवक, निदेशक, कृषि विभाग, जम्मू संभाग
कश्मीर घाटी में स्टॉक में 37 हजार टन खाद की कमी है। डिमांड भेज दी गई है। किसानों को खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी।
- मोहम्मद इकवाल चौधरी, निदेशक, कृषि विभाग कश्मीर