किसान बोले - पहले चक सद्दा गांव की 150 एकड़ भूमि चली गई थी तारबंदी के आगे
सरकार ने न तो उसका मुआवजा दिया और न ही किराया
लोकसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे प्रत्याशियों को बताई समस्या, मिला समाधान का भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव चक सद्दा के किसान इन दिनों कृषि भूमि को लेकर चिंतित हैं। किसान राज कुमार, दौलत राम, उत्तम चंद व प्रवीण कुमार ने बताया कि उनके गांव की 150 एकड़ भूमि पहले तारबंदी के आगे चली गई। सरकार ने न तो उसका मुआवजा दिया और न ही कोई किराया दिया है।
किसानों ने बताया कि गत 1992 में जीरो लाइन के निकट तार बिछाई गई थी। इसके बाद 2002 में जीरो लाइन के पीछे तारबंदी की गई। इसमें उनकी भूमि चली गई। कई किसानों के पास चार व पांच कनाल भूमि थी, जो सारी ही तारबंदी में चली गई। अब वह भूमिहीन हो गए हैं, सरकार की ओर से भी उन्हें कुछ राहत नहीं दी गई है। अब रही सही कसर सुरक्षा बांध के बनने से निकाल दी गई है। गांव की 96 कनाल भूमि सुरक्षा बांध में आ गई है। सरकार ने उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा बांध जबरन बनाया गया है। जिला प्रशासन ने पुलिस के बल पर बांध का निर्माण करवाया था तब भी किसानों की एक नहीं सुनी थी। अब किसान लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए आने बाले उम्मीदवारों को अपनी समस्या बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो उनकी समस्या का समाधान करवाएगा उन्हें ही वोट दिया जाएगा।
चक सद्दा पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं को बताई समस्यासांबा। चक सद्दा पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने लोगों ने सुरक्षा बांध में आई भूमि का मुद्दा उठाया। किसानों का कहना था कि चुनाव के दौरान उन्हें भरोसा तो दिया जाता है, मगर चुनाव खत्म होने के बाद सब कुछ भुला दिया जाता है। किसानों ने कहा कि जो उनकी समस्या का समाधान करवाएगा वोट उसी को देंगे। इस पर डीडीसी सदस्य आशा देवी और भाजपा मंडल प्रधान कुलभूषण सिंह ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद उनकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सरपंच धर्मपाल, पूर्व नायब सरपंच पुरुषोतम शर्मा मौजूद थे।