सांबा के बैनगलाड में हिथयारों की प्रदशर्नी में बच्चे
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सांबा। जिले के सीमावर्ती गांव बैनगलाड के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बीएसएफ की 48वीं वाहिनी ने शुक्रवार को हथियारों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें बीएसएफ के अधिकारियों ने बच्चों को दुश्मन के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के बारे में जानकारी दी। कौन सा हथियार कैसे चलाना है, यह कितनी दूरी तय करता है, इसके बारे में बच्चों ने जाना।
डीडीसी सदस्य सुभाष भगत ने बीएसएफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों को हथियारों के प्रति कुछ सीखने को मिला है। सरपंच स्वाति शर्मा ने कहा, सीमावर्ती गांव में हथियारों की प्रदर्शनी लगाकर बच्चों को जो जानकारी दी गई, वह काबिले तारीफ है। वह भी सीमावर्ती गांव में रहती हैं, लेकिन इससे पहले उन्होंने हथियार नहीं देखे थे। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी उत्साहित करते हैं। प्रदर्शन में डॉग शो भी हुआ। खोजी कुत्तों ने कर्तव्य दिखाए। बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से अब ड्रोन की मदद से हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की नापाक कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन बीएसएफ दुश्मन की हर हरकत को नाकाम कर रही है। दुशमन की कोई भी चाल सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को कहा कि यदि ड्रोन जैसी कोई चीज इलाके में दिखाई दे तो तुरंत बीएसएफ के जवानों या अधिकारियों को जानकारी दें।
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बच्चे बोले- हथियार उठाकर
सेना में भर्ती होने की जगी उमंग
बीएसएफ की तरफ से लगाई गई हथियारों की प्रदर्शनी से छात्र काफी उत्साहित हुए। छात्रा नीतिका, राधु ने कहा कि वे सीमावर्ती क्षेत्र में रहते हैं। गोलियों की आवाजें भी सुनते रहे हैं। जब भी पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की जाती थी तो वे घरों में छिप जाते थे। आज हथियार देखकर उन्हें काफी अच्छा लगा है। गोलीबारी से बचाव के बारे में भी पता चला है। हथियार उठाकर उनके अंदर सेना में भर्ती होने की उमंग जगी है। वह भी बड़े होकर सेना और बीएसएफ में भर्ती होंगे।