शनिवार का भी किया था वादा, ग्रामीण देखते रहे राजस्व अधिकारियों की राह
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ के गांव शेर-ए-चक में अतिक्रमण वाले रास्ते की बहाली को लेकर शनिवार को भी निशानदेही नहीं हो सकी। गांव के लोग सारा दिन पटवारी और गिरदावर की राह देखते रहे, लेकिन राजस्व विभाग की तरफ से रास्ते की निशानदेही के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंच।
ग्रामीणों को सुबह पता चला कि राजस्व विभाग की टीम गांव में निशानदेही के लिए आ रही है। इसलिए, ग्रामीण कामकाज छोड़ उनकी राह देखते रहे। लेकिन, शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि तहसीलदार निर्भय शर्मा ने संयुक्त समिति का गठन किया था। अरनिया तहसील व सुचेतगढ़ तहसील के अधिकारियों की मौजूदगी में रास्ते की निशानदेही के लिए आदेश पारित किया था। इस बात को 19 दिन हो गए। तहसीलदार ने आश्वासन दिया था कि एक हफ्ते के अंदर निशानदेही हो जाएगी। लेकिन, ऐसा हो न सका।
इस पर लोगों ने कहा कि सोमवार को वह तहसील कार्यालय में तहसीलदार से मिलेंगे और उनसे देरी को लेकर सवाल करेंगे। अगर कोई जवाब नहीं मिला तो प्रदर्शन किया जाएगा। थोड़े दिन पहले पटवारी का तबादला हो गया था, जिसके चलते तहसीलदार ने निशानदेही में देरी होने कारण बताया। परंतु नए पटवारी ने भी एक हफ्ते से पदभार संभाला है। उसके बावजूद निशानदेही नहीं हो पा रही है। ऐसा लग रहा है कि तहसील प्रशासन ग्रामीणों को जानबूझकर परेशान कर रहा है। ग्रामीण रूपचंद ने कहा कि तहसीलदार का लापरवाह रवैया लोगों को प्रदर्शन करने पर मजबूर कर रहा है। किसान मनोहर लाल ने कहा कि तहसीलदार का स्टाफ उनका आज्ञाकारी नहीं है। इसलिए, एक हफ्ते के बजाय 20 दिन लग गए और निशानदेही नहीं हो पाई। तहसीलदार को सख्त रवैया अख्तियार करते हुए खुद निशानदेही करवानी चाहिए। इस मुद्दे पर गांव के पटवारी राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को निशानदेही नहीं हो पाई है। अब सोमवार या मंगलवार को निशानदेही की जाएगी।