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Jammu News: 12 दिन में तीन पैमाइश, सरकारी भूमि बहाली का मामला फिर अधर में

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शेर ए चक का मामला...संयुक्त कमेटी सदस्य बोले-जरूरत पड़ी तो दोबारा मौका देखेंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। शेर ए चक में सरकारी भूमि को बहाल करने के लिए बनाई संयुक्त कमेटी ने शनिवार को फिर जगह की पैमाइश की। 12 दिन में तीन बार पैमाइश होने के बावजूद कमेटी अभी तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। इससे मामला अधर में लटका हुआ है।
अपील करता जगदीश राज ने अपनी भूमि को पूरा करने के लिए तहसीलदार को पैमाइश के लिए कहा था। इसके चलते शनिवार को नहरी विभाग के जिलेदार जयपाल, नायब तहसीलदार अरनिया देशराज, नायब तहसीलदार दबलैड़ हबीब उल रहमान और संयुक्त कमेटी के अन्य सदस्य पहुंचे। कमेटी ने अरनिया तहसील के अंतर्गत आती जमीन की 4 घंटे में पैमाइश पूरी की। कमेटी सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि पैमाइश पूरी कर ली है। जरूरत पड़ने पर दोबारा मौका देखेंगे। रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौंप देंगे। वहीं, नहरी विभाग ने भी अपनी जमीन की निशानदेही कर निशानियां लगाईं। मौके पर पहुंचे नहरी विभाग के जिलेदार जयपाल ने कहा कि नहरी जमीन पर असमंजस था। इसलिए नहर की कुल जमीन की पैमाइश कर निशान लगा दिए। अब इस जमीन पर किसी को खेती नहीं करने दी जाएगी।
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जिलेदार की अध्यक्षता में नहरी जमीन को बाहर निकाल निशानियां लगा दी गईं। कमेटी को बताया गया कि यह जमीन नहरी विभाग की है। ग्रामीणों ने जिलेदार को कहा कि नहरी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिलेदार ने आश्वासन दिया कि अंकित की भूमि पर जल्द नोटिस जारी कर नहर की जमीन पूरी कर लेंगे। उस जमीन पर कोई दखलअंदाजी नहीं होने देंगे। शनिवार को दोनों गुटों में तीखी बहसबाजी हुई। पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि, मामला शांत हो गया था। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग पैमाइश ही करता रहा तो आने वाले दिनों में दोनों गुटों में विवाद हो सकता है। कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो जिम्मेदार तहसील प्रशासन ही होगा। ग्रामीणों ने कहा कि कमेटी का बार-बार एक ही जगह पैमाइश करना संदिग्ध दिख रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार राजस्व विभाग कार्यवाही करता तो अभी तक मसला हल हो जाता।
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अपने ही रिकॉर्ड को लेकर असमंजस में राजस्व विभाग
संयुक्त कमेटी अपनी ही पैमाइश को बार-बार दोहरा रहे हैं। जबकि, 9 जून को दोनों तरफ की हदबंदी के बाद सरकारी भूमि को बहाल कर दिया गया था। खसरा नंबर अंकित कर सरकारी भूमि का बोर्ड लगा दिया था, लेकिन जगदीश राज के अर्जी देने के बाद फिर पैमाइश करने संयुक्त कमेटी आ गई। ग्रामीणों ने कहा कि राजस्व विभाग अपने ही रिकॉर्ड को लेकर असमंजस में है। ऐसे में मसले का समाधान कैसे होगा।
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शेर-ए-चक गांव में जमीन की पैमाइश कर ली गई है। अब संयुक्त कमेटी की ओर से जो रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- निर्भय शर्मा, तहसीलदार
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