संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सुचेतगढ़ के शेर-ए-चक गांव के लोग रास्ते पर अतिक्रमण वाले मुद्दे पर एकजुट हैं। वे सोमवार को जिला मजिस्ट्रेट जम्मू से मुलाकात कर सुचेतगढ़ और अरनिया तहसील प्रशासन के ढीले रवैये से अवगत करवाएंगे। ग्रामीण राजस्व विभाग का रिकॉर्ड खसरा नंबर और अन्य दस्तावेज अर्जी के साथ अटैच कर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट को डेढ़ महीने से रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर तहसील प्रशासन से लगाई गुहार के बारे में अवगत करवाएंगे। उनके समक्ष पुराना रिकॉर्ड पेश करेंगे।
उन्होंने बताया कि तहसीलदार निर्भय शर्मा की 2 मई से बनाई संयुक्त कमेटी के पास मुद्दे को हल करने के लिए समय नहीं है। हर बार कमेटी के सदस्य टालमटोल करते हैं। रिकॉर्ड के हिसाब से राजस्व विभाग मुद्दे को हल करने की बजाय उलझा रहा है। तहसीलदार के पास बार-बार दफ्तर में मिलने के बाद भी मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अब ग्रामीण सीधा जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मांग रखेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि एसीआर जम्मू को भी इस मुद्दे से अवगत करवाया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट को इस पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी कि 8 साल पहले भी इस मुद्दे को प्रशासन के समक्ष पेश किया गया था। तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर निचले अधिकारियों ने उसे अमल में ही नहीं लाया था।
ग्रामीण मनोहर लाल ने कहा कि राजस्व विभाग भली-भांति जानता है कि अतिक्रमणकारियों के पास स्टेटलैंड है। वहां पर कभी रास्ता हुआ करता था। रिकॉर्ड में पुख्ता होने के बावजूद राजस्व विभाग जमीन अतिक्रमणकारियों से वापस नहीं ले रहा है। इस कारण ग्रामीणों का अब तहसील प्रशासन सुचेतगढ़ और अरनिया से भरोसा उठ चुका है।
ग्रामीण रूपचंद ने कहा कि तहसील प्रशासन की संदिग्ध कार्रवाई को मद्देनजर रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट जम्मू से मुलाकात की जाएगी। उन्हें इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए कहा जाएगा। तहसील प्रशासन ने उनके मुद्दे को बिल्कुल तवज्जो नहीं दी है और जो काम 2 दिन का था उसे डेढ़ महीना लगा दिया है। ग्रामीण दर्शन लाल ने बताया कि सुचेतगढ़ और अरनिया तहसील प्रशासन ग्रामीणों की शराफत का नाजायज फायदा उठा रहा है। अब इस मुद्दे को हल करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट जम्मू अवनी लवासा से गुहार लगाई जाएगी।