अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आयुष विभाग के निदेशक व जेएंडके मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के सीईओ डा. मोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर में औषधीय पौधा क्षेत्र में उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस क्षेत्र में उद्यमियों को स्थिरता, नैतिक सोर्सिंग, वैज्ञानिक प्रगति और बाजार के रुझान के साथ अद्यतन रहने पर विचार करना चाहिए। वनस्पति विज्ञान, फार्माकोलॉजी, कृषि और व्यवसाय प्रबंधन के विशेषज्ञों के साथ सहयोग पर जोर दिया गया जो इस क्षेत्र में उद्यमशीलता उद्यमों की सफलता और प्रभाव को और बढ़ा सकता है।
डाॅ. मोहन सिंह ने शुक्रवार को आयुष निदेशालय, जम्मू-कश्मीर/जम्मू-कश्मीर औषधीय पौधा बोर्ड की ओर से वनस्पति विज्ञान विभाग, जम्मू विश्वविद्यालय के सहयोग से औषधीय पौधा क्षेत्र में उद्यमिता की खोज में अवसरों का विकास, शीर्षक पर आयोजित वार्ता सत्र में औषधीय क्षेत्र में उद्यमिता पर प्रकाश डाला। इस दौरान कौशल विकास कार्यक्रम में जम्मू विश्वविद्यालय के 60 अनुसंधान विद्वानों और जिला जम्मू और सांबा के चिकित्सा अधिकारी शामिल हुए। प्रोफेसर सीमा लंगर डीन फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज ने हर्बल उद्योग और उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करते हुए नवीन मूल्य संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने औषधीय पौधों के क्षेत्र में प्रजाति विशिष्ट स्टार्टअप पर जोर दिया। वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर सुशील वर्मा ने उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती के तरीकों पर तकनीकी जानकारी दी। इस दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान डॉ. पुनीत चौधरी, डॉ. संजय खजूरिया, डॉ. नम्रता शर्मा, डॉ. वाहिद उल हसन आदि मौजूद रहे।