लापरवाही...नाले के किनारे बना दी इमारत, बरसात में पानी भरने से खराब हो गई थी मशीनें
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरा साहिब। बिजली विभाग की ओर से गांव बन सुल्तान में बनाया गया पावर रिसीविंग स्टेशन एक साल से बंद पड़ा है। दो साल पहले करीब 4 करोड़ रुपये खर्च कर इसे बनाया गया था। मकसद इलाके में बिजली सप्लाई को सुचारू करने के लिए पुराने स्टेशन पर लोड बढ़ने से आ रही ट्रिपिंग की समस्या को दूर करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले साल बाढ़ का पानी भरने से मशीनें काम करना बंद कर गई थीं, जिन्हें बाद में ठीक नहीं करवाया गया। इससे लोगों को ट्रिपिंग जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
पुराने स्टेशन का लोड घटा सुचारू बिजली देना था मकसद
बिजली विभाग की ओर से 4 करोड़ रुपये से बनाए अतिरिक्त पावर रिसीविंग स्टेशन में पिछले साल बरसात में साथ लगते बिलोल नाले में आई बाढ़ का पानी घुस गया था। पानी से मशीनें काम करना बंद कर गई थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पुराने रिसीविंग स्टेशन पर पड़ रहे अधिक लोड को कम करने के लिए यह स्टेशन बनाया गया था। पर बाढ़ की चपेट में आने से मशीनों में पानी चला गया और स्टेशन बंद हो गया था। इसके चलते भीषण गर्मी में सुचारू रूप से लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पुराने रिसीविंग स्टेशन पर अधिक लोड होने से आए दिन बिजली समस्या रहती है। ट्रिपिंग होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाले के किनारे बना दिया स्टेशन : सुरेंद्र चौधरी
बाजार कमेटी आरएस पुरा के प्रधान सुरेंद्र चौधरी का कहना है कि रिसीविंग स्टेशन ही गलत जगह पर बनाया गया है। जिस जगह यह बनाया गया था, वहां बिलोल नाले में बाढ़ आने पर पानी भर जाता है। विभाग व प्रशासन की ओर से गलत स्थान का चयन किया गया था। आगे भी बाढ़ आने पर यही दिक्कत रहेगी। रिसीविंग स्टेशन पानी की चपेट में न आए, इसका प्रबंध किया जाए ताकि ठीक करवाए जाने के बाद बरसात में दोबारा बाढ़ का पानी इसमें न घुस सके।
करोड़ों खर्च के बाद भी लोगों को फायदा नहीं : कुंदन
जम्मू-कश्मीर पीपल्ल सेकुलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि सही योजना नहीं बनाए जाने से करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को इस रिसीविंग स्टेशन का कोई लाभ नहीं मिला। उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने नाले के किनारे पर रिसीविंग स्टेशन का निर्माण करवा दिया था।
3 पंचायतों की 10 हजार से ज्यादा आबादी को होना था फायदा
लोगों का कहना है कि नया स्टेशन 3 पंचायतों को सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए बनाया गया था। इससे पंचायत बन सुल्तान अपर, बन सुल्तान लोअर और मरालिया पंचायत के गांवों की करीब 10 हजार से ज्यादा आबादी को फायदा होना था, लेकिन एक साल से मशीनें खराब होने से पहले की तरह ही समस्या हो रही है। लोगों ने जल्द स्टेशन को चलाने की मांग की है।
मशीनें ठीक करवाई जा रहीं : एईई
बिजली विभाग के एईई जोगिंद्र सिंह जंबाल का कहना है कि नए रिसीविंग स्टेशन में लगी मशीनों को ठीक करने की प्रक्रिया चल रही है। तीन-चार दिन के भीतर इसे चलाया जाएगा। फिलहाल, इस भवन के चारों ओर अस्थायी रूप में मिट्टी डाल बांध बनाया गया है, ताकि बाढ़ आने पर स्टेशन के अंदर पानी न घुस सके।