-कहीं तारें टूट रहीं तो कहीं पर जल जा रहे ट्रांसफार्मर
- शहर सहित ग्रामीण इलाकों में हो रहा नुकसान, लोगों को पेश आ रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बीते तीन माह में चार बार आंधी चलने से बिजली कारपोरेशन का 42 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आंधी के कारण कहीं पर तार टूटे तो कहीं पर खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा शार्ट सर्किट से ट्रांसफार्मर तक जले। कुछेक इलाकों में नए सिरे से तार डालने पड़े। पेड़ों के बीच से लाइनों के रूट भी डायवर्ट कर दूसरी जगहों से तार डाले गए हें। कुल मिलाकर 42 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। हर बार चलने वाली आंधी से 10 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान बिजली कारपोरेशन को हो रहा है।
बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी कारपोरेशन को आठ से दस घंटे लग रहे हैं। शहर के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में ज्यादा नुकसान हो रहा है। कारण है कि यहां पर बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। अभी भी तारें पेड़ों के सहारे ही लटकी हैं। जैसे ही हवा चलती है तारें शार्ट हो जाती हैं और जल जाती हैं।
खंभे बदलने में निगम को आठ लाख रुपये, ट्रांसफार्मर जलने पर बदलने और स्थापित करने पर 18 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अभी तक 80 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों को बदला गया है। इसी तरह तारें टूटने और नए रूटों में तारें बिछालने पर 12 लाख रुपये खर्च हुए हैं। 33 केवी लाइनों में तकनीकी खराबी आने और जंपर बदलने पर चार लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बिजली कारपोरेशन के अनुसार हर बार हवाएं चलने पर हो रहा है। बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
कोट
आंधी चलने के कारण नुकसान हो रहा है। आंकलन किया जा रहा है। नुकसान लाखों रुपये का हुआ है। कहीं पर खंभे तो कहीं पर तारें टूट रही हैं। मरम्मत कर दी गई है।
-मनहर गुप्ता, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन