- जानीपुर, रेशमघर कालोनी, बख्शी, कैनाल रोड, भगवती नगर में पानी की आपूर्ति रही बाधित
- 172 में से 50 से ज्यादा ट्यूबवेल रहे बंद, 20 से 25 मिनट ही मिल रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। तापमान बढ़ोतरी के साथ ही अब बिजली की मांग 1700 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस वजह से लंबे बिजली कट लग रहे हैं। वीरवार को सुबह 11 बजे के बाद स्थिति यह रही कि 10 मिनट बिजली आई और एक घंटा बंद रही। कट लगने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। गर्मी में लोगों के खूब पसीने छूटे। बिजली कटौती के साथ ही शहर में पानी की किल्लत विकराल हो गई है।
26 मिलियन गैलन पर डे (एमजीडी) पानी ही शहर को मिला। इस कारण लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पाई। लोगों को 20 से 25 मिनट ही जल आपूर्ति हुई। इसके अलावा पुराना शहर के मोती बाजार, जैन बाजार, जुलाखा मोहल्ला, पुरानी मंडी, कनक मंडी, पक्का डंगा, भगवती नगर में इलाकों में पानी की किल्लत रही। सुबह के समय पानी नहीं आया। इसके अलावा जानीपुर, बख्शी नगर, गुढ़ा बख्शी नगर, बख्शी नगर मोड, शक्ति नगर, प्लौड़ा में भी पानी नहीं आया। सुजवां, बठिंडी, नरवाल में पानी की किल्लत रही। यहां पर टैंकरों से आपूर्ति की गई। कुंजवानी, सतवारी, गंग्याल में 25 मिनट तक पानी आया। कैनाल हेड, बस स्टैंड, विनायक बाजार, विवेकानंद चौक और डोगरा बाजार में भी पानी की किल्लत रही।
पानी कम आने के ये भी हैं तीन कारण
पानी कम आने का कारण यह भी है कि 172 में से 50 से ज्यादा ट्यूबवेल बंद पड़ चुके हैं। पानी का लेवल गिर गया है। दूसरा कारण यह रहा कि बिजली कटौती के कारण मोटरें बंद रहीं। पानी स्टोरेंज टैंकों में सिर्फ आठ से दस घंटे मोटर चल रही हैं। 18 घंटे मोटरें चलने से 54 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। तीसरा कारण जलशक्ति विभाग के चल रहे काम हैं। पानी की पाइपें बिछाने के कारण भी पानी नहीं आ रहा।
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700 फोन काल आईं, 250 टैंकर मुहैया करवाए गए
वीरवार को पानी न आने के कारण लोगों की ओर से टैंकरों के लिए काल की गईं। विभाग के अनुसार कुल 700 काल देर शाम तक आईं। इसमें 250 टैंकर मुहैया करवाए गए हैं। मौजूदा समय में विभाग के पास 40 के करीब टैंकर है जबकि 20 टैंकर निजी तौर पर हायर किए गए।
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कोट
लोड बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर गर्म हो रहे हैं। इस कारण कट लग रहे हैं। तापमान सामान्य होने पर समस्या हल होगी।
- मनहर गुप्ता, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
कोट
बिजली कट के कारण समस्या आ रही है। स्टोरेज टैंकों की मोटर बंद पड़ रही हैं। ट्यूबवेलों में भी दिक्कत चल रही है। समाधान किया जा रहा है।
- अनिल गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग