सूखने के कगार पर धान की पनीरी, किसानों को बारिश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में रोजाना लग रहे 10 घंटे के बिजली कट और कम लोड से किसानों के मोटर पंप हांफने लगे हैं। इस कारण धान की पनीरी सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। अब किसानों को बारिश का इंतजार है। किसान धान की पनीरी को लेकर चिंतित हैं।
किसानों ने बताया कि हर 15 मिनट के बाद कट लगने का सिलसिला दिनभर जारी रहता है। ऐसे में किसान धान की पनीरी सूखने के कगार पर है। विभाग को बिजली पर्याप्त मात्रा में मुहैया करवानी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। बिजली विभाग से मांग है कि बिजली कटौती को कम किया जाए, जिससे फसल पर कोई असर न पड़ सके। अगर बिजली निरंतर रहेगी तो धान को पर्याप्त पानी मिलेगा और फसल सूखने से बच जाएगी।
जब भी फसल का समय होता है तो कभी बीज नहीं मिलता है और कभी खाद नहीं। अब सिंचाई के लिए पानी की चिंता सता रही। रही सही कसर गर्मी निकाल रही है।
सुरिंदर कुमार
किसान पलूरा सांबा।
सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के दावे तो कर रही है। मगर किसान आज भी परिवारों की गुजर बसर के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। किसानों को बिजली कट के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज कुमार
चक सद्दा सांबा।
इन दिनों किसान धान की पनीरी को तैयार कर रहे हैं। मगर पानी की कमी से पनीरी नष्ट होने के कगार पर है। बिजली कट के कारण पंपसेट तक नहीं चल पा रहे हैं।
बलवीर सिंह
चक मंगु सांबा।
बिजली के मोटे बिल तो मिल रहे हैं, लेकिन बिजली नहीं मिल रही। इससे धान की पनीरी सूख रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली का सबसे बुरा हाल है। बिजली कब आती है और कब जाती है इसका पता ही नहीं चल रहा है।
दौलत राम
किसान चक सद्दा सांबा।
गर्मी बढ़ने से बिजली की समस्या बनी हुई है। ट्रांसफार्मर पर लोड़ बढ़ने से ट्रिप कर रहे हैं। ग्रिड से भी बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बिजली कट के बाद जब बिजली की आपूर्ति छोड़ी जाती है। एकदम लोड़ बढ़ जाता है और ट्रिप हो जाता है। एक दो बारिश होने पर आपूर्ति ठीक हो जाएगी।
राजीव कुमार
विजली विभाग सांबा।
सांबा। बिजली कट निरंतर लगने से किसान परेशान हैं। बार-बार कट लगने के कारण मोटर पंप सेट नहीं चल रहे। इस कारण धान की पनीरी नष्ट हो रही है। अब किसानों को बारिश का इंतजार है। सभी किसान धान की पनीरी को लेकर चिंतित हैं।
किसानों ने बताया कि हर 15 मिनट के बाद कट लगने का सिलसिला दिनभर जारी रहता है। ऐसे में किसान धान की पनीरी सूखने के कगार पर है। विभाग को बिजली पर्याप्त मात्रा में मुहैया करवानी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। बिजली विभाग से मांग है कि बिजली कटौती को कम किया जाए, जिससे फसल पर कोई असर न पड़ सके। अगर बिजली निरंतर रहेगी तो धान को पर्याप्त पानी मिलेगा और फसल सूखने से बच जाएगी।
जब भी फसल का समय होता है तो कभी बीज नहीं मिलता है और कभी खाद नहीं। अब सिंचाई के लिए पानी की चिंता सता रही। रही सही कसर गर्मी निकाल रही है।
सुरिंदर कुमार
किसान पलूरा सांबा।
सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के दावे तो कर रही है। मगर किसान आज भी परिवारों की गुजर बसर के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। किसानों को बिजली कट के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज कुमार
चक सद्दा सांबा।
इन दिनों किसान धान की पनीरी को तैयार कर रहे हैं। मगर पानी की कमी से पनीरी नष्ट होने के कगार पर है। बिजली कट के कारण पंपसेट तक नहीं चल पा रहे हैं।
बलवीर सिंह
चक मंगु सांबा।
बिजली के मोटे बिल तो मिल रहे हैं, लेकिन बिजली नहीं मिल रही। इससे धान की पनीरी सूख रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली का सबसे बुरा हाल है। बिजली कब आती है और कब जाती है इसका पता ही नहीं चल रहा है।
दौलत राम
किसान चक सद्दा सांबा।
गर्मी बढ़ने से बिजली की समस्या बनी हुई है। ट्रांसफार्मर पर लोड़ बढ़ने से ट्रिप कर रहे हैं। ग्रिड से भी बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बिजली कट के बाद जब बिजली की आपूर्ति छोड़ी जाती है। एकदम लोड़ बढ़ जाता है और ट्रिप हो जाता है। एक दो बारिश होने पर आपूर्ति ठीक हो जाएगी।
राजीव कुमार
विजली विभाग सांबा।