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Jammu News: विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने का विरोध

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जम्मू। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 साल करने का विरोध जारी है। एक तरफ शोधार्थी विरोध जता रहे हैं, दूसरी तरफ कॉलेजों के असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर भी विश्वविद्यालय की तर्ज पर सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। जम्मू विवि के शोधार्थियों का कहना है कि कश्मीर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घोषणा की कि प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 तक बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, ताकि विश्वविद्यालयों में स्टाफ की कमी की पूरा किया जा सके।
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इस बारे में शोधार्थी अनिरुद्ध रैना का कहना है कि नेट, जेआरएफ और पीएचडी होल्डरों को नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। उनके लिए कोई भर्ती नहीं हो रही है। दूसरी ओर विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाया जा रहा है। इस कारण युवाओं में निराशा का माहौल है।
शोधार्थी विकास भद्धोरिाया ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की आयु 62 से 65 तक बढ़ाने के बजाए घटाकर 55 करनी चाहिए थी। प्रोफेसरों को उचित वेतन मिलता है। सेवानिवृत्ति में पेंशन की सुविधा भी है। नए युवाओं को रोजगार देना चाहिए। प्रोफेसरों को करीब तीन लाख रुपये वेतन दिया जाता है। इस वेतन में तीन असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हो सकती है। सरकार को चाहिए कि जो नियम बनाया जा रहे हैं, उनमें संशोधन किया जाए।
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शोधार्थी सुनित सहित अन्य ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा आए दिन परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। नए युवाओं को नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से नियम में संशोधन करने की गुहार लगाई है।
नियुक्ति की प्रक्रिया एक जैसी तो सेवानिवृत्ति आयु भी एक हो
प्रदेश के जम्मू संभाग के कॉलेजों के अध्यक्ष डॉ. राकेश जसरोटिया ने कहा कि कॉलेजों के शिक्षकों की आयु सीमा भी 62 की जगह 65 वर्ष की जानी चाहिए। नई शिक्षा नीति के तहत कॉलेजों में भी अनुसंधान हो रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमानुसार विवि और कॉलेजों के शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया एक जैसी है। सभी की सेवानिवृत्ति आयु सीमा भी समान होनी चाहिए।
कश्मीर संभाग के कॉलेजों के अध्यक्ष डॉ. तारिक आयाशी ने कहा कि जिस तरह विश्वविद्यालय के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाई गई है। उसी तरह कॉलेजों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की आयु सीमा भी बढ़ानी होगी। यह प्रक्रिया पहले से चली आ रही है।
वहीं, क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू के प्लेसमेंट डीन और जम्मू संभाग के कॉलेजों के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह मन्हास ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम के मुताबिक कॉलेजों के शिक्षकों की आयु भी 65 वर्ष की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयु सीमा बढ़ाने से संबंधित फाइल विभाग के पास भेजी है, लेकिन अभी तक लंबित पड़ी है।
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