श्रीनगर। छठी कक्षा की एक पाठ्य पुस्तक में आपत्तिजनक उल्लेख प्रकाशित करने पर पनपे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ऐसी कोई पुस्तक बोर्ड द्वारा निर्धारित नहीं की गई है। एक्स पर एक पोस्ट में विभाग के प्रवक्ता ने कहा, सोशल मीडिया पर एक पुस्तक का कुछ आपत्तिजनक सामग्री पृष्ठ प्रसारित किया जा रहा है। एनसीईआरटी द्वारा ऐसी कोई भी पुस्तक प्रकाशित नहीं की गई है। न ही इसे जम्मू-कश्मीर के किसी स्कूल में निर्धारित किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव पीयूष सिंगला ने बताया कि यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड या एनसीईआरटी ने किसी भी किताब में ऐसी कोई आपत्तिजनक सामग्री निर्धारित नहीं की है। वहीं इस बीच बड़गाम जिले में इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किए गए हैं। बडगाम पुलिस ने कहा कि एक पुस्तक से आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार की पृष्ठभूमि में स्कूल शिक्षा विभाग ने पोस्ट किया है कि न तो जेके बोस की पाठ्य पुस्तकों में ऐसी कोई सामग्री है और न ही एनसीईआरटी द्वारा ऐसी कोई सामग्री विकसित की गई है। लोगों से अनुरोध है कि वे शांति और सद्भाव बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें।