फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: जम्मू-कश्मीर के राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में लेक्चरर के लिए बीएड अनिवार्य

Sun, 01 Oct 2023 02:43 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
- पीजी के छात्र और शोधार्थी बोले यह फैसला उन्हें मंजूर नहीं, प्रशासन करे विचार
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर से राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में व्याख्यता (लेक्चरर) बनने के लिए बीएड की डिग्री अनिवार्य करने की तैयारी है। इसको लेकर छात्रों और शोधार्थियों में नाराजगी है। जम्मू विश्वविद्यालय में पीजी की डिग्री कर रहे छात्रों और पीएचडी कर रहे शोधार्थियों ने कहा कि इस तरह का फैसला उन्हें पसंद नहीं है। प्रशासन को यह फैसला वापस लेना होगा।
युवाओं का कहना है कि वे पीजी में दो साल, सेट, नेट एमफिल करने में तीन साल और पीएचडी करने में पांच साल बिता रहे हैं। लेक्चरर बनने के लिए उन्हें फिर से दो साल की बीएड की डिग्री करनी होगी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन और पैसा डिग्री करने में ही बीत जाएगा। डिग्री से उन्हें कोई भी लाभ नहीं दिया जा रहा है। शोधार्थी अनिरुद्ध, दिनेश, विकास, मंजीत व अन्य ने कहा कि लेक्चरर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधित विषय में पीजी होनी चाहिए। बीएड दसवीं तक के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए अनिवार्य रखा जाए। आरोप है कि हाल ही में कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने के लिए परीक्षा आयोजित की गई। चयन सूची भी अब जारी की जारी है। उसमें प्रशासन ने पीएचडी अनिवार्य नहीं रखी। पहले के बजाए पीएचडी के अंक भी कम कर दिए हैं। मगर लेक्चरर के लिए बीएड जरूरी रखा जा रहा है। शोधार्थियों व छात्रों ने कहा कि इस तरह का कानून उनपर जबरदस्ती थोपने की कोशिश न की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि लेक्चरर के लिए बीएड की डिग्री जरूरी वाला कानून लागू करने की कोशिश की गई, तो तमाम युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- स्कूलों में खाली पड़े लेक्चररों के पदों की पहचान कर अधिसूचित करे विभाग
युवाओं ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में लेक्चररों के खाली पड़े पदों को जल्द सृजित कर अधिसूचित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभाग में अध्यापक और लेक्चरर नियुक्त नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए।डीपीजी के अलावा जितने पद खाली बचते हैं। उन्हें स्थायी तौर पर भरा जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हाल ही में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए क्लस्टर रिसोर्सपर्सन को संविदा पर नियुक्त किया गया है। यह सराहनीय फैसला है। इसके प्रशासन का धन्यवाद करते हैं।लेकिन अभी भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। जब तक स्थायी तौर पर भर्ती नहीं होती तब तक संविदा पर पदों को बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें