जेके बोस की सलाहकार बैठक में नई शिक्षा नीति के उचित कार्यान्वयन पर शिक्षकों से लिए गए सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पहली और दूसरी कक्षा का पाठ्यक्रम बदलने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए शनिवार को जेके बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के अकादमिक डिवीजन की सलाहकार बैठक में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क-फाउंडेशन स्टेज (जेकेएससीएफ-एफएस) के मसौदे पर चर्चा की गई। इसमें प्रशासकों और स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने अपने सुझाव दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जेके बोस के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) परीक्षत मन्हास ने हितधारकों से संबंधित मसौदे पर गहन मंथन करने के लिए कहा, ताकि यह दस्तावेज भविष्य की शिक्षा नीतियों को तैयार करने के लिए एक बेंचमार्क व दिशानिर्देश के रूप में कार्य कर सके।
बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर के छात्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप एनसीएफ-एफएस के स्थानीय संदर्भीकरण पर काम किया है, जो अपनी विविधता और स्थलाकृति के कारण एक अद्वितीय स्थिति रखता है। यह एक स्पष्ट और प्रगतिशील दस्तावेज होगा। उन्होंने जेके बोस के अकादमिक प्रभाग के विशेषज्ञों की सराहना की, जिनके प्रयासों से एक ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जो न केवल राष्ट्रीय मानकों का पालन करता है, बल्कि स्थानीय आवश्यकताओं के साथ गहराई से मेल खाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मूलभूत स्तर के प्रति दृष्टिकोण एक ऐसे नागरिक वर्ग के निर्माण में काफी मदद करेगा, जो 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।
जम्मू-कश्मीर की विशिष्टताओं को सामने लाने के
लिए स्थानीयकरण और संदर्भीकरण की जरूरत
सत्र की शुरुआत में अकादमिक निदेशक डॉ. सुधीर सिंह द्वारा जेकेएससीएफ-एफएस के गहन परिचय के साथ हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया गया राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा (एनसीएफ) व्यापकता और जीवंतता के प्रतिमान के रूप में खड़ा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर की विशिष्टताओं को संबोधित करने के लिए इसके स्थानीयकरण और संदर्भीकरण की जरूरत है। मसौदा समिति ने इस दस्तावेज के विभिन्न पहलुओं पर विवेकपूर्ण ढंग से काम किया है। इस बैठक में दिए गए सुझाव इसकी प्रभावशीलता को और बढ़ाएंगे। जेके बोस के उपनिदेशक डॉ. यासिर हामिद सिरवाल, डॉ. आरिफ जान और शैक्षणिक अधिकारी इफ्तिखार इमरान ने फाउंडेशन चरण के लिए एससीएफ पर एक विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। बैठक में कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।