स्कूल जाते हुए विद्यार्थी (फाइल)
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शैक्षणिक सत्र 2024-25 को शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सरकारी स्कूलाें के बच्चों को वर्दी के लिए राशि नहीं मिली है। समग्र शिक्षा के पास अभी तक फंड नहीं पहुंचा है। इससे अभिभावकों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर बच्चों के लिए वर्दी सिलवानी पड़ रही है। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को वर्दी बनवाने के लिए राशि दी जाती है।
जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक साढ़े सात लाख से अधिक छात्र-छात्राएं हैं, जो वर्दी के लिए पैसे का इंतजार कर रहे हैं। समग्र शिक्षा पहली से आठवीं तक की सभी वर्ग की लड़कियों, एससी, एसटी और बीपीएल परिवार के सिर्फ लड़कों को वर्दी के लिए पैसा देती है। इसमें लड़कों को पेंट-शर्ट, जबकि लड़कियों को सलवार/स्कर्ट और कुर्ते के लिए पैसा दिया जाएगा। हर बच्चे को दो सेट वर्दी बनवाने के लिए 600 रुपये दिए जाते हैं।
समग्र शिक्षा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया की अभी तक वित्त विभाग से ही पैसा नहीं आई है। अभी पैसा जारी होने का मिनट्स ही जारी हुए है। जैसे ही पैसा हमारे अकाउंट में आएगा, हम एक से दो दिन में बच्चों के बैंक खातों में इसे भेज देंगे। शिक्षा विभाग की ओर से कक्षावार बच्चों की संख्या व उनके आधार नंबर, उनके बैंक खाता संबंधित जानकारी पोर्टल पर मांगी जा चुकी है, लेकिन अभी तक वर्दी की राशि डालने संबंधित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।