नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत स्कूलों में दाखिला और पढ़ाई शुरू हो गई है, लेकिन जम्मू संभाग के कुछ जिलों में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। तीन अप्रैल तक छह जिलों को पुस्तकें मिल गईं, जबकि चार जिलों को पुस्तकें 12 अप्रैल तक दी जानी हैं। इसको लेकर जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शेड्यूल जारी किया है, जिसके तहत पुस्तकें जिलों को दी जा रही हैं।
जिलों को पुस्तक देने का काम मार्च में ही पूरा होना चाहिए, जिससे नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले ही पुस्तकें स्कूलों तक पहुंची। समय पर पुस्तकों के न पहुंचने से समय पर पढ़ाई शुरू नहीं होगी, जिससे बच्चों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड कक्षा आठवीं तक निशुल्क पुस्तकें देता है। अभी तक जम्मू, सांबा, रियासी, कठुआ, उधमपुर और पुंछ जिले को किताबें मिली हैं। राजोरी, किश्तवाड़, रामबन और डोडा जिले में अभी पुस्तकें मिलनी हैं। जिन जिलों में पुस्तकें मिल चुकीं हैं वे भी अभी स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं।
बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के तहत अब सिर्फ चार जिलों को पुस्तकें मिलनी हैं। इसमें राजोरी जिले को छह और आठ अप्रैल को, किश्तवाड़ और रामबन को दस अप्रैल, जबकि डोडा जिले को 12 अप्रैल को पुस्तकें मिलनी हैं।
ये सभी जिले दूरदराज क्षेत्र के हैं, ऐसे में इनके स्कूलों तक पुस्तकें पहुंचने में एक से दो सप्ताह और समय लगेगा। यानी की बच्चों को अप्रैल अंत और मई की शुरूआत में ही पुस्तकें मिल पाएंगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की हमने जिला वार शेड्यूल जारी किया है। जिसके तहत हर जिले को पुस्तकें दी जा रही हैं।