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Jammu News: आधे स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं, बक्सों में बंद रहती हैं किताबें

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18 हजार में से 9 हजार स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं, खेल मैदानों का भी अभाव
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
प्रदेश के सरकारी स्कूल खेल मैदान और लाइब्रेरी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आधे स्कूलों में या तो लाइब्रेरी नहीं और न ही खेल मैदान। ऐसे में छात्रों को पढ़ने और अन्य खेल गतिविधियों में शामिल करना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
जानकारी के अनुसार एकीकृत डिजिटल सूचना पर विद्यालय शिक्षा के आंकड़ों के अनुसार जम्मू कश्मीर में कुल 18,723 सरकारी स्कूल हैं। इनमें लगभग 9925 स्कूल बिना लाइब्रेरी सुविधाओं के हैं जबकि 10,104 स्कूल बिना रैंप के हैं और 10,384 स्कूल बिना खेल मैदान के हैं। बता दें कि सरकारी स्कूलों में बहुत कम छात्र जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में किताब पढ़ने की संस्कृति से परिचित थे। इसका खुलासा विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षणों में दर्शाया गया था। समग्र शिक्षा के तहत शिक्षा मंत्रालय से वार्षिक आवंटन मिलने के बावजूद प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर तक के स्कूल पुस्तकालय सुविधाओं से रहित हैं।
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सूत्रों के अनुसार हर साल प्राथमिक विद्यालयों के लिए 5000 रुपये , उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 10,000 रुपये और माध्यमिक विद्यालयों को छात्रों के लिए पुस्तकालय की किताबें खरीदने के लिए 15000 रुपये वार्षिक दिए जाते हैं। साथ ही छात्रों के लिए पुस्तकालय की किताबें खरीदने के लिए उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को 20000 रुपये जारी किए जाते हैं। लेकिन मूल समस्या यह है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खरीदी गई पुस्तकालय की किताबें बक्सों में बंद रहती हैं क्योंकि इन स्कूलों में उचित पुस्तकालय कक्ष नहीं हैं। वहीं स्कूलों में खेल मैदानों का भी अभाव है। ज्यादातर स्कूल पहाड़ी इलाकों में स्थापित हैं और वहां छात्रों के लिए खेल के मैदान की कोई गुंजाइश नहीं है।
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