अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग का दवा है कि पिछले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में छात्र नामांकन में 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 तक नामांकन में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में कुल 12,37,000 छात्र नामांकित थे। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में छात्र नामांकन में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दस्तावेजों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2023-24 तक 14,18,000 छात्र सरकार संचालित स्कूलों में नामांकित थे। प्रासंगिक रूप से इससे पहले वर्ष 2023 में बताया गया था कि सरकारी स्कूलों में छात्रों के शून्य या कम नामांकन के कारण प्रदेश में कुल पब्लिक स्कूलों की संख्या लगभग 19 प्रतिशत कम हो गई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हमारे पास कुछ सरकारी स्कूल थे, जिनमें छात्रों का नामांकन बहुत कम था या कुछ में पांच से भी कम था। हमने उन्हें पास के सरकारी स्कूलों में विलय कर दिया था। इसमें यह भी कहा गया कि ऐसे स्कूलों को शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) पर अलग स्कूलों के रूप में दर्शाया जा रहा है। पहले हमारे पास यूडीआईएसई के अनुसार 23,117 सरकारी स्कूल हुआ करते थे, लेकिन अद्यतन डेटाबेस में, हमारे पास केवल 18,820 स्कूल हैं। अधिकारी ने कहा, हमारे पास लगभग 4300 सरकारी स्कूल थे जिनमें छात्रों का नामांकन पांच से कम या शून्य था। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई भी सरकारी स्कूल नहीं है जहां शून्य नामांकन हो।गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष कहा था कि उसने 1200 से अधिक ऐसे सरकारी स्कूलों की पहचान की है जिनमें छात्रों का नामांकन कम है। इसमें कहा गया था कि ऐसे स्कूलों का छात्रों की उपलब्धता और व्यवहार्यता के अनुसार विलय किया जाएगा। अप्रैल-2022 में, स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा था कि वह अपर्याप्त छात्र नामांकन वाले जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों सरकारी-संचालित स्कूलों का विलय करने के लिए पूरी तरह तैयार है।