संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते खौड़ में बच्चों का भविष्य अंधकारमय बनता जा रहा है। एक तरफ सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं, खौड़ शिक्षा जोन के आठ हाई स्कूलों में प्रधानाचार्य ही नहीं हैं। वहीं, जेडईओ खौड़ का पद भी रिक्त है।
शिक्षा जोन खौड़ के आठ हाई स्कूल बिना मुखिया के चल रहे हैं। जेडईओ खौड़ का पद 31 मार्च खाली पड़ा हुआ है। इससे स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है। खौड़ शिक्षा जोन में 12 हाई स्कूल हैं, जिनमें से आठ स्कूल कई सालों से बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं। इससे अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। अभिभावक विजय कुमार, शारदा देवी और नीलम देवी ने बताया कि जिस स्कूल में हेडमास्टर ही नहीं है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। हाई स्कूल नारायणा, हाई स्कूल पलांवाला, हाई स्कूल चकमलाल और हाई स्कूल खूई मिलन में ही मुख्य अध्यापक हैं। अभिभावकों ने कहा कि इन रिक्त पदों को जल्द नहीं भरा गया तो सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
ये स्कूल चल रहे बिना प्रधानाचार्य के
हाई स्कूल खौड़, हाई स्कूल दत्याल, हाई स्कूल हमीरपुर सिदड़, हाई स्कूल घिगडेयाल, हाई स्कूल बुदवाल, हाई स्कूल कलाह, हाई स्कूल जोगवां और हाई स्कूल कोटमैरा में प्रधानाचार्य नहीं है।
इस संबंध में क्षेत्र के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले हफ्ते मिला था। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भी लिखित में भेजा है। जल्द ही सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।
- अनिल कुमार ठाकुर, एसडीएम, खौड़