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Earthquake in J&K: जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके, भद्रवाह में इमारत को नुकसान, डोडा में चली धूल भरी आंधी

Tue, 13 Jun 2023 04:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप मोबाइल एप के अनुसार, दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूचाल की तीव्रता 5.4 रही है।
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Earthquake : भूकंप के झटके - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप मोबाइल एप के अनुसार, दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर भूकंप आया। इसका केंद्र जम्मू संभाग का जिला डोडा बताया गया है, जो कि छह किलोमीटर गहराई में था। रिक्टर स्केल पर भूचाल की तीव्रता 5.4 रही है। डोडा, जम्मू, उधमपुर, पुंछ, श्रीनगर समेत प्रदेश के कई जिलों में धरती की कंपन महसूस की गई। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए। ऐसे में कई लोग घर और कार्यालयों से बाहर निकल आए।

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Earthquake in Jammu Kashmir - फोटो : अमर उजाला
भद्रवाह में आर एंड बी विभाग की इमारत को नुकसान

भूकंप के चलते भद्रवाह में आर एंड बी विभाग की इमारत को नुकसान पहुंचा है। इमारत के कई कमरों में दरारें आ गई हैं। और कई कमरों से ईंट-सीमेंट आदि अलग होकर नीचे जा गिरे हैं। विभाग में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से भवन को नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि कई कमरे क्षतिग्रस्त हुए हैं। उधर, डोडा के घट इलाके में भूकंप के बाद धूल भरी आंधी चली। वहीं, डोडा में कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। कई स्कूलों में अभिभावक खुद ही अपने बच्चों को घर ले जाने के लिए पहुंच गए।
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क्यों आते हैं भूकंप

भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकराना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता का क्या अर्थ है?

रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।

लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
 
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