जम्मू स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अमरनाथ यात्रा के दौरान ही ई बस सुविधा मिलनी थी। मगर अधूरी औपचारिकताएं के कारण बसें ही नहीं पहुंच पाईं। जून के पहले सप्ताह से प्रक्रिया शुरू हुई थी।
12 साल के लिए टाटा कंपनी से करार किया गया, क्योंकि बसें कंपनी के माध्यम से चलाई जानी हैं। प्रति किलोमीटर 23 सीटर बस का नगर निगम ने 48 रुपये और 34 सीटर बस के 55 रुपये अदा करने है। बाकी की आय नगर निगम के खाते में जानी है।
खास बात यह है कि बसों को चलाने के लिए टाटा कंपनी की ओर से प्रशिक्षित चालक और परिचालकों की तैनाती की जानी है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसी माह के अंतिम सप्ताह में 75 बसें आने की संभावना है। इनमें 25 बसें सांबा, कठुआ, जम्मू और कटड़ा रूट पर चलेंगी।
जम्मू, सांबा और कठुआ में चार्जिंग स्टेशन तक बन चुके हैं। यहां से बसें चार्ज होने के बाद अगले रूट के लिए रवाना होंगी। एक बार चार्जिंग में 200 किलोमीटर तय होंगे। ई बसों में ऑटो, मेटाडोर और बसों की अपेक्षा कम किराया होगा। गर्मियों में एसी तो सर्दियों में ब्लोअर चलेगा। इससे यात्रियों को आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा।
इन रूटों पर होगा परिचालन
शहर के भगवती नगर में बस स्टैंड होगा। यहीं से बसें ज्यूल चौक, बस स्टैंड, बिक्रम चौक, बाहु फोर्ट, नरवाल, बाहु प्लाजा, गांधी नगर, शास्त्री नगर, कुंजवानी, गंग्याल, सतवारी, चट्ठा, तालाब तिल्लो सहित अन्य रूटों पर चलेंगी। इनका समय अलसुबह चार से लेकर रात 11 बजे तक रहेगा। हालांकि ऑटो व मेटाडोर की सुविधा मिल रही है। मगर शाम सात बजे के बाद लोगों को मजबूरन ऑटो में ही महंगा सफर करना पड़ रहा है।
इसी माह के अंत तक बसें चलाने की तैयारी है। औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है। अब बसें आनी शुरू होंगी। इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - आशीष आनंद, जीएम फाइनांस, स्मार्ट सिटी।