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Jammu News: कागजों में सफाई, हकीकत में नाले गंदगी से भरे पड़े , बरसात में होते हैं ओवरफ्लो

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खास खबर का लोगो लगाएं शहर में नालों का हाल : कृष्णा नगर नाला और नानक नगर नाला ऊंची पुली के पास मलबे से भरा
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- प्रीत नगर, डिग्याना, नानक नगर, त्रिकुटा नगर, संजय नगर में सफाई पर काम जारी, अब घरों से फेंका जा रहा कचरा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कागजों में तो नाले साफ कर दिए गए हैं मगर हकीकत यह है कि नालों में गंदगी भरी पड़ी है। हर बार नाले ओवरफ्लो होते हैं और शहर में जलभराव होता है। हर बार नालों को साफ करने का दावा किया जाता है मगर पहली ही बारिश में दावों की पोल खुल जाती है।
मौजूदा समय में कृष्णा नगर नाला गंदगी से भरा पड़ा है। जब भी बारिश होती है तो मलबा निकालने का काम शुरू होता है। ज्यादा परेशानी बरसात में होती है। इस दौरान पानी ओवरफ्लो होकर सड़क में पहुंचता है। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी आती है। साथ लगते घरों में भी पानी और गंदगी पहुंचती है। नाले पर अभी तक 70 लाख से ज्यादा राशि खर्च की जा चुकी है मगर स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। नाले पर लेंटर डाला गया है। इस कारण भी पूरी तरह से नाला साफ नहीं हो पाता है।
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नगर निगम के अनुसार नानक नगर नाला ऊंची पुली के पास घरों से कचरा फेंका जा रहा है। ऐसे में नगर निगम को हर तीसरे दिन यहां पर सफाई करवानी पड़ रही है। बरसात में नाला ओवरफ्लो होता है और नानक नगर में जलभराव की स्थिति रहती है। इसके अलावा प्रीत नगर, डगियाना, नानक नगर, त्रिकुटा नगर, संजय नगर में नालों की सफाई पर काम जारी है। नगर निगम के अनुसार नालों को कई बार साफ किया गया है मगर कचरा फेंकने के कारण बार-बार सफाई करनी पड़ रही है। नालों को रेलिंग से भी कवर किया गया है मगर हालत पहले जैसी ही है। नाले ओवरफ्लो होते हैं और शहर करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।
वार्ड नंबर 12 के पूर्व पार्षद जीत राम अंगराल ने कहा कि नाले की सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती है। इस कारण बरसात में मुश्किल होती है। दोबारा निर्माण कार्य के लिए डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है। वार्ड नंबर 46 के पूर्व पार्षद द्वारका चौधरी ने कहा कि नालों को नए सिरे से बनाया जाए। कुछ जगहों में नाले तंग हैं। इस कारण जलभराव की स्थिति रहती है।

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2018 से लेकर अब तक 300 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च हुई
नालों की सफाई पर 300 करोड़ से ज्यादा राशि 2018 से लेकर अब तक खर्च की जा चुकी है। नालों से मलबा निकाला गया मगर हालत नहीं सुधर पाई। बरसात में नाले ओवरफ्लो होते हैं। इस दौरान नालों की सफाई का आश्वासन मिलता है। साल भर सफाई चलती है मगर बारिश होने पर व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है।


वेयरहाउस में टूटे नाले पर नहीं हुआ काम
वेयरहाउस में टूट नाले पर काम नहीं हो पाया है। पिछली बार नाला ओवरफ्लो हुआ था। पानी आसपास के घरों में जा घुसा था। नाले की सफाई भी नहीं हो पाई है। गंदगी भरी पड़ी है। पनामा चौक, फ्लाईओवर, ज्यूल चौक, गोल मार्केट, सतवारी चौक सहित अन्य चौकों में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति रहती है। कारण है कि सड़क किनारे नालियां भी अवरुद्ध है। इस कारण पानी की निकासी रुक जाती है और सड़क में जलभराव की स्थिति रहती है।



कोट
नानक नगर और संजय नगर नाले की सफाई हर तीसरे दिन करनी पड़ रही है। जितना मलबा निकाला जा रहा है, उतना ही मलबा फेंका जा रहा है। अन्य नालों को साफ किया गया है। रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
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- धर्मपाल सिंह, सीटीओ, नगर निगम
कोट
कृष्णा नगर नाला ब्लाक न हो, इसलिए खुली जगहों से मलबा हटाया गया है। नाले की स्लैब पड़ा होने के कारण सफाई सही तरीके से नहीं होती है। कोशिश की जा रही है कि नाला ब्लाक न हो।
- तलत महमूद खान, सीटीओ, नगर निगम
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