- सचिवालय से 20 करोड़ रुपये जारी होने के ढाई साल बाद भी वार्डों में काम अधर में लटका
- पार्षदों का आरोप - प्रस्ताव देने के बाद भी निगम नहीं लगा रहा टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में नालियों की मरम्मत और इन्हें गहरा करने का काम ढाई साल बाद भी मुकम्मल नहीं हो पाया है। बाकायदा इसके लिए सचिवालय से बीस करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। बारिश होने पर गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों या गलियों में बहता है, जो लोगों के लिए जी का जंजाल बन रहा है।
पुराने शहर के वार्ड-1 से लेकर दस तक, वार्ड-12, 13, 28, 19, 55, 72, 73, 74, 75 समेत अधिकांश वार्डों में नालियां बनाने के लिए 2021 के बाद लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम टेंडर ही नहीं लगा पाया है, जबकि जनवरी 2023 में काम पूरा किया जाना था। डेडलाइन के सात माह बाद भी शहरवासियों को राहत नहीं मिल पाई है।
नालियों के निर्माण के लिए पार्षद कई बार मांग कर चुके हैं। सदन में भी हर बार मुद्दा उठाया जा रहा है। मौजूदा समय में नालियां कम गहरी हैं। कचरा जमा होने से बारिश में ये अवरुद्ध हो जाती हैं। इससे कई बार गंदा पानी घरों में घुस जाता है।
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बरसात में परेशानी ज्यादा, घरों में घुसता है पानी
वार्ड-12 कृष्णा नगर के श्याम लाल और प्रेम सिंह ने बताया कि नालियों को गहरा किया जाना चाहिए। सबसे ज्यादा परेशानी बरसात में आती है। पानी घरों में घुसता है। नालियों का निर्माण जल्द किया जाए। नीत मोहित ने कहा कि पुराने शहर में नालियों की समस्या से लोग परेशान हैं। मोहल्लों में नालियों की मरम्मत के लिए कई बार नगर निगम को अवगत करवाया गया है।
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पार्षद बोले - कई बार भेजे प्रस्ताव
नेता विपक्ष द्वारका चौधरी, वार्ड-19 के पार्षद अमित गुप्ता, वार्ड-28 के पार्षद गौरव चोपड़ा, वार्ड-55 के पार्षद प्रीत्तम सिंह, वार्ड-7 की पार्षद रितू चौधरी ने कहा कि कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके नालियां गहरी करने पर काम शुरू नहीं हो पाया। बारिश होने पर नालियां ओवरफ्लो होती हैं। सदन की बैठक में भी बजट देने के लिए मांग की जा चुकी है।
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शहर में वार्ड पार्षदों की ओर से दिए जा रहे प्रस्तावों के आधार पर नालियों का काम चल रहा है। हर माह टेंडर करवाए जा रहे हैं। जहां पर काम नहीं हो पाया है, उन इलाकों में भी मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। शहरभर में नालियों की मरम्मत करवाई जानी है।
- राजेश संवरिया, संयुक्त आयुक्त वर्क, नगर निगम