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डॉ. जितेंद्र बोले: अगले 25 वर्षों में देश की प्रगति प्रौद्योगिकी से होगी संचालित, युवा स्टार्ट-अप का लाभ उठाएं

Thu, 10 Nov 2022 01:02 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले देश के पास दिशा का अभाव था। विरोधाभास यह है कि हमारे पास क्षमता थी, लेकिन  दिशा नहीं थी। नीति, नियोजन स्तर पर कोई प्राथमिकता नहीं थी।
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श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डा. जितेंद्र सिंह - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगले 25 वर्षों में देश की प्रगति प्रौद्योगिकी से संचालित होगी और देश के युवा जितनी जल्दी यह महसूस करेंगे, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में तीन दिवसीय ‘कश्मीर एक्सपो स्टार्ट-अप फॉर लाइवलीहुड’ का उद्घाटन किया।

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युवाओं से अनन्वेषित स्टार्ट-अप का लाभ उठाने की अपील की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले देश के पास दिशा का अभाव था। विरोधाभास यह है कि हमारे पास क्षमता थी, लेकिन  दिशा नहीं थी। नीति, नियोजन स्तर पर कोई प्राथमिकता नहीं थी।

उन्होंने कहा कि मोदी ने अब यह सोचकर इस अंतर को भर दिया है कि भविष्य में इसके बिना कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि घाटी कृषि-तकनीक स्टार्ट-अप का केंद्र हो सकती है, क्योंकि हमारे पास ऐसे संसाधन हैं जो किसी अन्य क्षेत्र के पास नहीं हैं।
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डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, यदि आप इसका पता लगाने में सक्षम नहीं हैं, तो कमी कहीं न कहीं हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि अगले 25 साल देश के लोगों के लिए एक अवसर है। हमारे युवा, जिनके पास क्षमता और ऊर्जा है, तब हमारा झंडा ऊंचा उठाएंगे जब देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा।

भगवान ने उन्हें उपहार दिया है और उन्हें इसका एहसास होना चाहिए। हम 25 साल बाद होंगे या नहीं, हमें इस बात से संतुष्ट होना चाहिए कि हमने उनकी क्षमता निर्माण में अपनी भूमिका निभाई, जिसकी हमसे अपेक्षा की गई थी।

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने 2015 में लाल किले की प्राचीर से स्टार्ट अप इंडिया अभियान की घोषणा की तो पूरे देश में एक आंदोलन शुरू हुआ, लेकिन जम्मू-कश्मीर में इसे गति नहीं मिली। इसका कारण जानकारी की कमी और लोगों की मानसिकता को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को यह महसूस करना चाहिए कि सरकारी नौकरियों से परे भी एक दुनिया है। सरकार ने कई अवसर प्रदान किए हैं जिसके माध्यम से एक सरकारी कर्मचारी से अधिक आय उत्पन्न की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और अन्य पहाड़ी राज्य अगले 25 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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