जम्मू।नमी डोगरी संस्था ने एक डिजिटल बहुभाषी \"लगु कहनी गोष्ठी\" का आयोजन किया। इसमें नमी डोगरी संस्था के वाट्सऐप ग्रुप में वीडियो, ऑडिओ के माध्यम से छह लघु कथाएँ प्रस्तुत की गईं। ई-गोष्ठी साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता और डुग्गर मंच के अध्यक्ष मोहन सिंह सलाथिया ने डोगरी में शॉर्ट स्टोरी पढ़ी जिसका शीर्षक था \"पीपी उर्फ़ पिद्दू प्रधान\" प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट और लेखक डॉ.विजय पुरी ने \"कागज़ वचना दा पेहला मौका\" प्रस्तुत की डॉ.बलजीत सिंह रैना ने पंजाबी कहानी \"पासवर्ड\" प्रस्तुत किया एक अन्य पंजाबी लगु काहनी अमरजीत कौर नीर \"मासूमिया\" और शंभू राम प्यासा ने अपनी लगु कथा \"डर\" सुनाई।