सुंब के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रात को नहीं रहता कोई चिकित्सक
दिन में भी केवल दो डॉक्टर, 46 गांवों के लोग इसी पर आश्रित
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के पहाड़ी कस्बे सुंब के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय कोई भी डॉक्टर नहीं होने से लोगों को सांबा जिला आस्पताल उपचार के लिए पहुंचना पड़ता है, जिस से कई बार गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ जाता है।
स्थानीय सरपंच सूरज प्रकाश वर्मा, ओमकार, भगवान दास, नरेश, आदि ने बताया की सुंब ब्लॉक में 46 राजस्व गांव हैं, जिनमें 40 हजार आबादी है। ये सभी सुंब के पीएचसी पर ही निर्भर हैं। उनके अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का जिम्मा दो डॉक्टरों पर है। एक आयुष विभाग की डॉक्टर और एक दंत चिकित्सक। जबकि, रात को कोई डॉक्टर नहीं ठहरता। उन्होंने बताया कि रात को डाक्टरों के ठहरने के लिए सारी सुविधाएं हैं, लेकिन डॉक्टर ही नहीं हैं। ऐसे में रात को यदि कोई मरीज सुंब पहुंचता है तो उसे सांबा जिला अस्पताल ही उपचार के लिए जाना पड़ता है। यदि कोई गंभीर हालत का मरीज होता है उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सुंब के स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय डॉक्टरों को तैनात किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य विभाग के पास एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी है। मैंने इस बारे में अपने उच्च अधिकारियों को भी कई बार लिखित में दिया है।
- डॉ. अंजु, बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, सांबा