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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश के सभी दिव्यांगों को पेंशन योजना के दायरे में लाया गया, उपराज्यपाल सिन्हा ने बांटे उपकरण

Sat, 17 Sep 2022 12:48 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उप राज्यपाल ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के जरूरत के वक्त लोगों की सहायता करना सच्ची मानवता की सेवा है। यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि दिव्यांगजनों के लिए संसाधन जुटाएं।
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जम्मू में कार्यक्रम के दौरान एलजी और अन्य - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में सभी दिव्यांगों को पेंशन योजना के दायरे में लाया गया है। पहले शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के लिए कोई प्रणाली नहीं थी। पहली बार जम्मू-कश्मीर को नेशनल ट्रस्ट पोर्टल से जोड़ा गया है ताकि केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं तथा अधिकार उन्हें मिल सकें।

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दिव्यांगों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। समाज कल्याण विभाग समेकित योजना पर काम कर रहा है ताकि सभी लाभार्थियों तक पहुंचा जा सके। इससे पेंशन का लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या दोगुनी हो गई है। वे शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को स्वर्गीय डॉ. उत्तम चंद शास्त्री जन्मशती समारोह के तहत मुफ्त कृत्रिम कैलिपर्स वितरण समारोह में बोल रहे थे।

इस अवसर पर 130 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग दिए गए। उप राज्यपाल ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के जरूरत के वक्त लोगों की सहायता करना सच्ची मानवता की सेवा है। यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि दिव्यांगजनों के लिए संसाधन जुटाएं। इंफ्रास्ट्र्क्चर तथा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि उन्हें भी देश की विकास यात्रा में समान रूप से भागीदार बनाया जा सके।
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उन्होंने समाज के लोगों तथा स्वयंसेवी संगठनों से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन नागरिकों की आकांक्षाओं तथा विकास के लिए प्रशासनिक पहुंच के बीच की खाई को पाटने में प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। पिछले साल 4000 मोटर चलित ट्राइसाइकिल दिव्यांगों को वितरित करने का फैसला किया गया था। इसमें एक हजार लाभार्थियों को ट्राइसाइकिल दे दी गई। शेष लाभार्थियों तक प्रशासन जल्द पहुंचेगा। 


वृद्धजनों के लिए हेल्पलाइन, जिला अस्पतालों में वृद्धावस्था वार्ड की स्थापना

उप राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों, महिलाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों की योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन का लक्ष्य रखा गया है। अगस्त 2019 से पहले वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए केंद्रीय कानून यहां लागू नहीं था जो अब यहां लागू है। वृद्ध जनों के लिए हेल्पलाइन शुरू की गई है। साथ ही प्रत्येक जिला अस्पताल में वृद्धों के इलाज के लिए अलग वृद्धावस्था वार्ड की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों की छात्रवृत्ति में 206 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2018 तक मात्र 9300 बेटियों को लाडली बेटी योजना का लाभ मिला था, लेकिन पिछले तीन वर्षों में एक लाख से अधिक को लाभ मिला है और 150 करोड़ रुपये सीधे उनके खाते में भेजा गया है। गरीब बेटियों की शादी योजना के तहत पहले 100-200 लाभार्थियों को लाभ मिलता था, लेकिन अब पिछले एक साल में 9309 बेटियों को 37.15 करोड़ की मदद की गई। 


संस्कृत खोलती है समृद्धि का रास्ता: जगद्गुरु शंकराचार्य

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज ने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्धि का रास्ता खोलती है। जम्मू-कश्मीर में संस्कृत के प्रचार प्रसार तथा बढ़ावा के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान भी विशेष प्रबंध किए गए थे। उन्होंने आह्वान किया कि सरकार ही नहीं बल्कि सभी लोगों को मानवता की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।

स्कॉस्ट के वीसी प्रो. जेपी शर्मा, पूर्व मंत्री शामलाल शर्मा, महावीर सेवा सदन के चेयरमैन विनोद बरगोदिया, मेयर चंद्रमोहन शर्मा, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. आरके सिन्हा, एडीजीपी मुकेश सिंह, डिवकॉम रमेश कुमार, निदेशक स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के निदेशक व डीआईजी शक्ति पाठक, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक मदन मोहन झा, महंत रोहित शास्त्री आदि मौजूद थे। 

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