अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बरसात और उमस के कारण बैक्टीरिया व वायरल बीमारियां हावी हो गई हैं। दूषित पानी और खराब खानपान के कारण अस्पतालों में डायरिया के मामले बढ़े हैं। बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हैं। आसमान से पानी बरसने के साथ डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। शहर के बख्शी नगर और गांधी नगर जोन अधिक लारवा प्रभावित पाए गए हैं। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि आगामी माह से डेंगू के मामलों में तेजी आएगी।
बरसात में अधिकांश स्थानों पर दूषित पानी के कारण डायरिया फैल रहा है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र अधिक प्रभावित हैं। गांधी नगर अस्पताल में मेडिसिन और बाल रोग विभाग की करीब 100 ओपीडी में रोजाना डायरिया के 30 से 35 मामले आ रहे हैं। गंभीर पीड़ित को भर्ती तक करना पड़ रहा है। बच्चों में उल्टी, दस्त के साथ बुखार की शिकायत है। डॉक्टरों के अनुसार बैक्टीरिया युक्त खाद्य पदार्थ और दूषित पानी का सेवन करने से डायरिया होता है। जम्मू में मौजूदा आर्द्रता (उमस) का प्रतिशत 70 से 80 के बीच है, जिसका असर खुले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
एसएमजीएस की बाल रोग की ओपीडी में रोजाना डायरिया के 100 मामले
एसएमजीएस अस्पताल की बाल रोग की करीब 400 ओपीडी में 100 डायरिया के मामले मिल रहे हैं। जबकि इमरजेंसी में अलग से केस आ रहे हैं। वहीं, पिछले साल भी बख्शी नगर जोन के तहत शक्ति नगर, रिहाड़ी, सरवाल आदि क्षेत्रों में रिकॉर्ड डेंगू के मामले मिले थे और इस साल भी उक्त रिहायशी इलाकों के घरों में लारवा मिल रहा है। इसी तरह गांधी नगर जोन के शास्त्री नगर, गांधी नगर आदि इलाकों में कई लोगों की डेंगू से मौत हुई थी। 2022 में जम्मू-कश्मीर में डेंगू के 8269 मामले मिलने के साथ आधिकारिक तौर पर 18 लोगों की मौत हुई थी।
उमस से त्वचा की समस्याएं बढ़ीं
उमस के कारण एलर्जी और इंफेक्शन बढ़ी है। पिछले दिनों के मुकाबले ओपीडी में त्वचा संबंधी अधिक समस्याएं पहुंची हैं। एसएमजीएस अस्पताल के त्वचा रोग विभाग के एचओडी डॉ. देवराज डोगरा के अनुसार त्वचा की करीब 300 ओपीडी में 75 मरीज घमोरिया से पीड़ित हैं। बच्चे अधिक परेशान हैं। इसी तरह फंगल इंफेक्शन के 75 मामले पहुंच रहे हैं। अधिकांश लोग बिना डॉक्टरी परामर्श के नियमित दवा का सेवन करते हैं, जिससे इंफेक्शन का प्रभाव बढ़ जाता है। 12 से 15 आयु वर्ग के बच्चों में उमस के कारण मुहासे निकलने की समस्या बढ़ी है। ओपीडी में ऐसे 55 मामले आ रहे हैं। जबकि सीजनल बालों के झड़ने की शिकायत लेकर रोज 30 महिलाएं पहुंच हैं।
ऐसे करें बचाव
गांधी नगर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. प्रवीण योगराज के अनुसार ताजा फल व सब्जियों का सेवन करें। बार-बार हाथ धोएं। बैक्टीरियारोधी साबुन व गर्म पानी का इस्तेमाल करें। आसपास सफाई रखें। बीमार व्यक्ति के पास जाने से पहले मास्क पहनें। छींकते या खांसते हुए मुंह पर हाथ के बजाय कोहनी रखें। खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। टूथब्रश, तौलिया या रुमाल किसी को न दें। यात्रा के दौरान पानी की बोतल साथ रखें। वहीं, त्वचा को सही रखने के लिए कॉटन के कपड़ों का अधिक प्रयोग करने के साथ सीधी धूप में जाने से बचें।