पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कुपवाड़ा जिले के टीटवाल, केरन, गोगल धार के अग्रिम इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर सीमा पर बनने वाली पुलिस चौकियों के लिए जगहों का भी सर्वेक्षण किया।
कहा कि जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी पर लगाम कसने के लिए घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया जाएगा। वीरवार को डीजीपी ने युद्ध स्मारक टीटवाल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और निर्माणाधीन शारदा मंदिर व गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। एडीजीपी मुख्यालय, पीएचक्यू, एमके सिन्हा, डीसी कुपवाड़ा डीएस दत्तात्रेय और एसएसपी युगल मन्हास के साथ डीजीपी ने सबसे पहले तंगधार का दौरा किया।
जहां ब्रिगेड कमांडर 104 इन्फेंट्री के ब्रिगेडियर एनके धास ने उनका स्वागत किया। ब्रिगेड कमांडर ने क्षेत्र में सुरक्षा ग्रिड के बारे में जानकारी दी। डीजीपी ने कमांडरों और सैनिकों को नार्को आतंकवाद की उभरती चुनौती को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
टीटवाल और केरन में जनसंपर्क बैठकें भी कीं और शांति बनाए रखने में आम नागरिकों की भूमिका की सराहना की। नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिए सामूहिक उपायों पर जोर देते हुए दिलबाग सिंह ने कहा कि नशे का इस्तेमाल युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने युवाओं को बेहतर कल के लिए राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी। डीजीपी और अन्य अधिकारियों ने युवाओं व आम नागरिकों को आश्वासन दिया कि नशा तस्करों की सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। डीजीपी ने थाना केरन का दौरा कर कामकाज की समीक्षा की।
साथ ही जाबरी, सदेपोरा, कंडियां और जुमागुंड में सीमा पुलिस चौकियों के लिए प्रस्तावित स्थलों का सर्वेक्षण किया। ब्रिगेडियर एनके धास, कमांडर 6 जैकरिफ कर्नल वरुण सोनी, कमांडर 6आरआर कर्नल दीपक देसवाल, कमांडर 4सिख (सारागढ़ी बटालियन के रूप में प्रसिद्ध) कर्नल राकेश शिसोदिया ने डीजीपी को मौजूदा स्थिति और उनकी कमान के तहत इन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।